जिस बाबर आजम से पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने कप्तानी छीन ली थी, अब उसी बाबर आजम को फिर से टेस्ट कप्तान बनाया गया है. पाकिस्तान क्रिकेट ने अपना यू-टर्न शान मसूद की कप्तानी में एक के बाद एक हार के बाद लिया. पाकिस्तान को हाल ही में बांग्लादेश के खिलाफ उसके घर में दो टेस्ट मैचों की सीरीज के दोनों मैचों में हार मिली. इसके बाद से ही चर्चा ने तूल पकड़ लिया था कि शान मसूद को कप्तानी से हटाया जा सकता है. अब यही हुआ और तीन साल बाद बाबर आजम को फिर से पाकिस्तान का टेस्ट कप्तान नियुक्त किया गया.
शान मसूद की कप्तानी में लगा बड़ा दाग
शान मसूद ने साल 2023 में पाकिस्तान की टेस्ट कप्तानी संभाली और तब से लेकर अभी तक पाकिस्तान ने उनके अंडर 20 टेस्ट मैच खेले. इसमें पाकिस्तान को 12 में हार मिली और सिर्फ चार जीत ही नसीब हुई. इस तरह शान का जीत प्रतिशत बतौर कप्तान सिर्फ 25 प्रतिशत रहा, तो उनके बल्ले से भी सिर्फ 34 के औसत से 1,056 रन दो शतकों के साथ आए. इस दौरान बांग्लादेश से चार टेस्ट मैच हारना पाकिस्तान बोर्ड हजम नहीं कर सका और उसने वापस बाबर के पास जाना सही समझा.
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बाबर आजम की कप्तानी में पाकिस्तान कितने मैच जीता?
बाबर आजम की बात करें तो साल 2020 से लेकर साल 2023 तक उन्होंने पाकिस्तान की टेस्ट कप्तानी का काम संभाला. बाबर की कप्तानी में पाकिस्तान ने 20 टेस्ट खेले तो 10 में जीत दर्ज की और सिर्फ छह मैच ही हारे थे. बाबर को लेकिन उनकी खराब फॉर्म के चलते कप्तानी की जिम्मेदारी से आजाद किया गया था. बाबर ने लेकिन बतौर कप्तान पाकिस्तान के लिए 50 की औसत से 1,727 रन बनाए और चार शतक लगाए. यही कारण है कि उनको दोबारा कप्तान बनाया गया है.




