ब्राजील के एक फुटबॉल में कुछ ऐसा हुआ, जो ना तो इससे पहले कभी हुआ और ना ही शायद आने वाले समय में कभी हो. एक मैच में रेड कार्ड्स की हाफ सेंचुरी लग गई और फुटबॉल के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है, जब एक ही मैच में 50 से ज्यादा रेड कार्ड्स दिए गए. मामला ब्राज़ील के मिनास गेरैस राज्य में अंडर-20 का एक मैच का है, जहां यह मुकाबला पूरी तरह से अफ़रा-तफ़री और लड़ाई में बदल गया, जिसमें एक बड़े झगड़े के बाद रेफ़री को रिकॉर्ड 53 रेड कार्ड देने पड़े. जिसकी वजह से यह मुकाबला वर्ल्ड रिकॉर्ड बुक में दर्ज हो गया. हालांकि कोई भी शायद ही इस वर्ल्ड रिकॉर्ड को देखना या फिर याद करना चाहे. रविवार को उबेरलैंडिया और मामोरे के बीच स्टेट चैंपियनशिप के सेमीफाइनल मैच के पहले चरण के दौरान हाथापाई हो गई.
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मैच में भारी हंगामा
मैच की अपनी रिपोर्ट में रेफरी फर्नांडो पैट्रिक ड्रोसगिक मोडेस्टो ने बताया कि विवाद दूसरे हाफ की शुरुआत में ही शुरू हो गया था, जब उबेरलैंडिया के कई अधिकारी मैदान में घुस आए. ऐसा तब हुआ जब उनकी टीम के एक खिलाड़ी को मैदान से बाहर (रेड कार्ड देकर) भेज दिया गया था. मैच को 40 मिनट के लिए रोक दिया गया था, लेकिन बाद में इसे फिर से शुरू किया गया. इसके बाद स्टॉपेज टाइम के नौवें मिनट में मामोरे ने गोल करके 3-1 की बढ़त बना ली.
क्यों मचा बवाल
ब्राज़ीलियन मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार गोल का जश्न मनाते समय मामोरे के खिलाड़ी दावी ने उबेरलैंडिया के खिलाड़ियों पर तंज कसा, जिससे भारी हाथापाई शुरू हो गई और रेफरी को कई खिलाड़ियों को रेड कार्ड दिखाना पड़ा. कुल 43 खिलाड़ियों, जिसमें उबेरलैंडिया के 22 खिलाड़ी और मामोरे के 21 खिलाड़ी और कोचिंग स्टाफ के 8 सदस्यों को बाहर (दोनों टीमों के चार- चार स्टाफ सदस्यों) कर दिया गया, जबकि उबेरलैंडिया बोर्ड के 2 सदस्यों को भी हटा दिया गया. इस तरह कुल संख्या 53 हो गई.
मैच रेफरी को धमकी
Ge.Globo के अनुसार दूसरे हाफ में भारी हंगामे के बाद मैच को रद्द करना पड़ा. 40 मिनट मैच रोके जाने के बाद जब मुकाबला फिर से शुरू हुआ तो उसके आठ मिनट बाद उबेरलैंडिया की टीम में खिलाड़ियों की संख्या घटकर 10 रह गई, क्योंकि लुइक बिस्पो डॉस सैंटोस को 'गेंद के खेल से अलग विरोधी खिलाड़ी के पेट के हिस्से पर लापरवाही से प्रहार करने के कारण मैदान से बाहर भेज दिया गया था. उबेरलैंडिया के फुटबॉल मैनेजर विलर फ्रांसिस्को सिल्वा, उनकी यूथ टीम के मैनेजर आंद्रे लुइज़ नैसिमेंटो, और यूथ कोऑर्डिनेटर, जूनियर कैटानो मैदान में घुस गए और मैच रेफरी फर्नांडो पैट्रिक के सामने जा धमके. बताया जाता है कि उन्होंने उनसे कहा कि आज तुम यहां से बचकर नहीं जा सकते, क्या तुम्हें लगता है कि तुम शहर से बाहर निकल पाओगे? हम तुम्हें ढूंढ निकालेंगे, तुम यहां हमें बर्बाद करने आए थे. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उबेरलैंडिया के अधिकारी फाबियो मिनेइरो ने रेफरी को धमकी दी थी कि वह अब कभी रेफरी का काम नहीं कर पाएंगे और वह यह पक्का करने के लिए सब कुछ करेंगे कि वह आगे कभी काम न कर सके. वहीं सिल्वा ने रेफरी को धमकी देते हुए कहा था कि वह उन्हें मुक्का मारेंगे. सिल्वा ने रेफरी को जान से मारने की भी धमकी दी थी.
लड़ाई में भारी नुकसान
उबेरलैंडिया के गोलकीपिंग कोच पाउलो सर्जियो डायस डॉस सैंटोस दौड़कर मैदान में आए और मामोरे के खिलाड़ी को धक्का दे दिया. इसके बाद वहां हाथापाई शुरू हो गई, जिसमें एक-दूसरे पर घूंसे और लातें बरसाई गईं और स्ट्रेचर और कुर्सियां भी फेंकी गईं. बताया जा रहा है कि इस घटना में छह बॉल बॉय भी शामिल थे. जिसके बाद मैच को रद्द कर दिया गया और मिलिट्री पुलिस की 17वीं बटालियन को बुलाया गया. 'ओटेम्पो' (OTempo) के अनुसार मिलिट्री को वहां लगभग 14 दरवाजे टूटे हुए मिले. इसके अलावा, सिंक, नल, टॉयलेट, शॉवर, बिजली के फिटिंग और फर्नीचर को भी नुकसान पहुंचा था.
रेफरी का बयान
ड्रोसघिक मोडेस्टो ने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि दूसरे हाफ के 54वें मिनट में एक बड़ी हाथापाई शुरू हो गई, जिससे रेड कार्ड दिखाना और मैच खत्म करने की औपचारिक प्रक्रिया पूरी करना असंभव हो गया. इसलिए भारी हंगामे और सुरक्षा की कमी को देखते हुए मैंने मैच को समाप्त घोषित कर दिया. ड्रोसघिक मोडेस्टो ने आगे बताया कि रेफरी को दी गई धमकियों के संबंध में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है. साथ ही मैच के बाद मामोरे की टीम ने ड्रेसिंग रूम में तोड़फोड़ भी की.
उबेरलैंडिया ने दूसरे लेग से नाम वापस लिया
बुधवार को उबेरलैंडिया ने कहा कि वे 'फेयर प्ले' (खेल भावना) के तहत सेमीफाइनल के दूसरे लेग से अपना नाम वापस ले रहे हैं, क्योंकि मामोरे के पास टीम उतारने के लिए पर्याप्त योग्य खिलाड़ी नहीं थे. इस फैसले के चलते मामोरे टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंच गया. उबेरलैंडिया ने आगे कहा कि क्लब भी चुप नहीं बैठा है. इसमें शामिल लोगों के खिलाफ आंतरिक रूप से उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है, क्योंकि खेल का विकास, सबसे बढ़कर, व्यक्तिगत विकास का ही एक हिस्सा है.
सबसे ज्यादा रेड कार्ड का पुराना वर्ल्ड रिकॉर्ड
इससे पहले एक मैच में सबसे ज़्यादा रेड कार्ड दिखाने का गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड 36 था. यह रिकॉर्ड फरवरी 2011 में अर्जेंटीना में एटलेटिको क्लेपोल और विक्टोरियानो एरेनास के बीच पांचवें डिवीजन के एक मैच के दौरान बना था. यह घटना 27 फरवरी 2011 को अर्जेंटीना के क्लेपोल में 'एस्टाडियो रोडोल्फो कैपकासा' स्टेडियम में हुई थी. यह मैच अर्जेंटीना की 'प्रिमरा डी' (अर्जेंटीना फुटबॉल का पांचवां स्तर) लीग का था, जो 'क्लब एटलेटिको क्लेपोल' और 'विक्टोरियानो एरेनास' के बीच खेला गया था. मैच के रेफरी डेमियन रुबिनो थे. मैच के बाद अपनी रिपोर्ट में रेफरी ने इसे व्यापक हाथापाई बताया. पूरे मैच के दौरान दोनों टीमों के बीच कई बार तीखी बहस और ज़ोरदार टैकल हुए थे, जिसके कारण अंत में यह हाथापाई हुई. दोनों टीमों के बीच कोई पुरानी दुश्मनी नहीं थी और यह एक सामान्य लीग मैच था. इस मैच में दोनों टीमों के सभी 18-18 खिलाड़ियों (मैदान पर मौजूद 11 खिलाड़ी और 7 सब्स्टिट्यूट) को बाहर निकाल दिया गया था.
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