श्योर्ड मरिन दोबारा बने महिला हॉकी टीम के कोच, ओलिंपिक में कराया था कमाल, फिर लैपटॉप पर मचा था बवाल

श्योर्ड मरिन ने जब पिछली बार भारतीय टीम का साथ छोड़ा तो एनओसी नहीं मिलने के कारण उनकी सैलरी रोक ली गई थी. उन पर आधिकारिक लैपटाप नहीं लौटाने का आरोप था.

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श्योर्ड मरिन 2018 में भारतीय महिला टीम के साथ (PC: Getty)

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श्योर्ड मरिन का पहला कार्यकाल 2017 से 2021 तक रहा था.

मरिन की कोचिंग में भारतीय टीम टोक्यो ओलिंपिक में चौथे स्थान पर रही थी.

नेदरलैंड्स के श्योर्ड मरिन को दूसरी बार भारतीय महिला हॉकी टीम का हेड कोच नियुक्त किया गया. वह दूसरी बार यह पद संभालेंगे. इससे पहले उनके कोच रहते हुए भारतीय महिला टीम ने टोक्यो ओलिंपिक में कमाल कर दिया था.भारतीय टीम चौथे स्थान पर रही थी, जो महिला टीम का ओलिंपिक में सबसे बेस्ट प्रदर्शन भी है. हालांकि इसके बाद उन्होंने टीम का साथ छोड़ दिया था और फिर लैपटॉप को लेकर बवाल भी मच गया था, मगर पांच साल बाद एक बार फिर वो टीम से जुड़ गए हैं. भारतीय टीम के साथ उनका पहला कार्यकाल 2017 से 2021 तक रहा था.

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मरिन को हरेंद्र सिंह की जगह कोच नियुक्त किया गया है. हरेंद्र को टीम के निराशाजनक प्रदर्शन और कोचिंग में मनमानीपूर्ण रवैया अपनाने के आरोपों के कारण इस्तीफा देना पड़ा था. हॉकी इंडिया के अनुसार मारिन का कहना है कि उन्हें भारत वापस आकर बहुत अच्छा लग रहा है. वह साढ़े चार साल बाद नयी ऊर्जा और क्लीयर विजन के साथ इस पद पर लौटे है, ताकि टीम को आगे बढ़ाने में योगदान दे सके और खिलाड़ियों को विश्व स्तर पर अपनी पूरी क्षमता से प्रदर्शन करने में मदद कर सके.

भारत विश्व रैंकिंग के टॉप 10 में शामिल था

मरिन के पिछले कार्यकाल के दौरान भारत विश्व रैंकिंग के शीर्ष 10 में शामिल हुआ था. हालांकि टोक्यो ओलिंपिक के बाद भारतीय महिला हॉकी टीम के प्रदर्शन का ग्राफ गिरता चला गया. टीम 2024 के पेरिस ओलिंपिक खेलों के लिए क्वालीफाई करने में असफल रही. टीम ने पिछले साल एशिया कप में सिल्वर मेडल जीता था, लेकिन यह बेल्जियम और नेदरलैंड्स में अगस्त में होने वाले विश्व कप के लिए सीधे क्वालीफाई करने के लिए काफी नहीं था. पिछले साल एलीट एफआईएच प्रो लीग में खेले गए 16 मैचों में से केवल दो जीत हासिल करने के बाद टीम निचली श्रेणी की लीग नेशंस कप में खिसक गई. हेड कोच के रूप में मरिन की पहली बड़ी चुनौती आठ से 14 मार्च तक हैदराबाद में होने वाला महिला विश्व कप क्वालीफायर टूर्नामेंट होगा. मरिन 14 जनवरी को भारत पहुंचेंगे.

हॉकी इंडिया से मरिन का बवाल

मरिन ने जब पिछली बार भारतीय टीम का साथ छोड़ा तो एनओसी नहीं मिलने के कारण उनकी सैलरी रोक ली गई थी. उनकी सैलरी हॉकी इंडिया की सलाह के बाद रोकी गई थी. उन पर आधिकारिक लैपटाप नहीं लौटाने का आरोप था. इसी वजह से उन्हें ‘अनापत्ति पत्र’ (एनओसी) भी नहीं दिया गया.

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