बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारतीय खिलाड़ी कमाल कर रहे हैं. आयुष शेट्टी ने पहले ही मुकाबले में वर्ल्ड नंबर एक शी यूकी को हराया.पीवी सिंधु,उन्नति हुड्डा,लक्ष्य सेन ने शानदार जीत हासिल की, मगर अशित सूर्या और अमृता प्रमुतेश की भारतीय जोड़ी अपने पहले मुकाबले में हार गई. हालांकि हारकर भी यह जोड़ी छा गई.इस भारतीय जोड़ी ने यह सफ़र जल्दबाजी में तय किया था. दिल्ली से आए एक फोन कॉल के बाद, जिसमें उन्हें पता चला कि वर्ल्ड चैंपियनशिप में खेलने का उनका सपना अचानक फिर से सच हो सकता है, उन्होंने बीच में ही एक टूर्नामेंट छोड़ दिया और फिर धारवाड़ से 1800 किलोमीटर का सफर तय करके शनिवार को दिल्ली पहुंचे. चार दिन बाद वे अपने जिंदगी के सबसे बड़े मैच के लिए कोर्ट पर उतरे और अगले 71 मिनट तक उन्होंने उस सपने को जिया.
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मंगलवार से पहले तक शायद ही कभी अशित और अमृता के बारे में सुना गया हो, मगर मैच खत्म होने तक स्टैंड्स में मौजूद लोग हर पॉइंट पर भारतीय जोड़ी के बने रहने की दुआ कर रहे थे.हर बार जब अशित और अमृता कोई पॉइंट जीतते, तो लोगों का उत्साह और बढ़ जाता.
स्टेट चैंपियनशिप को बीच में छोड़ा
अशित और अमृता लगभग संयोग से ही दिल्ली पहुंचे थे. वे धारवाड़ में स्टेट चैंपियनशिप खेल रहे थे, तभी उन्हें पता चला कि कुछ खिलाड़ियों के हटने की वजह से वर्ल्ड चैंपियनशिप के ड्रॉ में एक जगह खाली हो गई है. वे रिजर्व लिस्ट में थे और उन्हें मेन ड्रॉ में शामिल कर लिया गया. उन्होंने तुरंत फैसला लिया. उन्होंने धारवाड़ में चल रहे टूर्नामेंट से अपना नाम वापस लिया, अपना सामान पैक किया और दिल्ली के लिए निकल पड़े. वे शनिवार को पहुंचे.दूसरे खिलाड़ी कई दिनों से यहां थे और इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम के खास माहौल के हिसाब से तैयारी कर रहे थे.
71 मिनट का संघर्ष
अशित और अमृता की जोड़ी अपने करियर के सबसे बड़े मंच पर उतरे और एक बड़ा उलटफेर करने की कोशिश की. दुनिया के 60वें नंबर के खिलाड़ी अशित और अमृता ने तुर्की के एमरे सोनमेज़ और यासेमेन बेक्तास (रैंकिंग 71) के खिलाफ पहला गेम 21-16 से जीता. दूसरे गेम में वो हुआ, जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी.दूसरा गेम 21 पॉइंट्स से आगे बढ़ गया. भारतीयों के पास एक के बाद एक मैच पॉइंट आए, लेकिन वे वह एक शॉट नहीं लगा पाए जिससे गेम खत्म हो सके. सोनमेज़ और बेक्तास ने छह मैच पॉइंट बचाए और फिर गेम 30-29 से जीत लिया.
तीसरे और निर्णायक गेम में भी भारतीयों को तीन और मैच पॉइंट मिले. एक बार फिर जीत करीब दिखी और फिर दूर हो गई. आखिरकार तुर्की ने 24-22 से जीत हासिल की और अपने तीसरे मैच पॉइंट को जीत में बदला. हालांकि 21 -16, 29- 30, 22-24 के स्कोरलाइन के कारण चारों तरफ भारतीय जोड़ी की चर्चा होने लगी.
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