भारतीय खिलाड़ियों का एशियन पैरा गेम्स 2026 में मेडल जीतने का सिलसिला दूसरे दिन भी जारी रहा. जापान के आयची नगोया में हो रहे खेलों में भारतीय एथलीट्स ने 20 अक्टूबर को कुल 24 मेडल जीते. इनमें पांच गोल्ड, सात सिल्वर और 12 ब्रॉन्ज मेडल रहे. भारत को दूसरे दिन जो पांच गोल्ड मिले वे पांचों ही पैरा एथलेटिक्स में आए. निशाद कुमार और दीप्ति जीवनजी जैसे एथलीट्स ने यह कमाल किया. भारत एशियन पैरा गेम्स के दूसरे दिन कुल 35 मेडल के साथ पदक तालिका में छठे नंबर पर है. उसने अभी तक नौ स्वर्ण, 11 रजत और 15 कांस्य जीते हैं. इनमें से 20 पदक एथलेटिक्स से आए हैं. एथलेटिक्स के अलावा शूटिंग, टेबल टेनिस, स्विमिंग और पावरलिफ्टिंग में भी भारत को मेडल मिले. लेकिन सुनहरे पदक सिर्फ एथलेटिक्स में ही आएं.
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निशाद कुमार को दो दिन में दूसरा गोल्ड
निशाद ने एशियन पैरा गेम्स में दो दिन में दूसरा गोल्ड जीता. उन्होंने 19 अक्टूबर को पहले T47 लॉन्ग जंप में पहला स्थान हासिल किया था. दूसरे दिन उन्होंने हाई जंप में भी सोना जीता. इससे वे एशियन पैरा गेम्स के एक एडिशन में दो गोल्ड जीतने वाले तीसरे भारतीय बन गए. निशाद ने हाई जंप में 2.04 मीटर जंप के साथ गेम्स रिकॉर्ड बनाते हुए सोना जीता.
दीप्ति ने दूसरी बार जीता सोना
दीप्ति ने लगातार दूसरी बार इन खेलों में गोल्ड अपने नाम किया. उन्होंने महिलाओं की 400 मीटर टी20 इवेंट में 56.36 सैकेंड के साथ पहला स्थान हासिल किया. टी20 क्वालिफिकेशन में ऐसे एथलीट हिस्सा लेते हैं जो बौद्धिक स्तर पर जूझते हैं. ऐसे एथलीट सूचनाओं को समझने, ध्यान देने और रेस की योजना बनाने या रणनीति बनाने में संघर्ष करते हैं. 23 साल की दीप्ति तेलंगाना से आती हैं और वर्ल्ड चैंपियन रही है. उन्होंने 2024 पैरालिंपिक में कांसा जीता था.
डिस्कस थ्रो में भी आए दो गोल्ड
भारत को दूसरे दिन सिमरन (महिला 200 मीटर T12 इवेंट), व्हीलचेयर पर रहने वाले प्रणव सूरमा (F51/52/53 डिस्कस थ्रो) और देवेंदर कुमार (F44/64 डिस्कस थ्रो) ने भी गोल्ड दिलाए. पैरालिंपिक की कांस्य पदक विजेता सिमरन ने गेम्स रिकॉर्ड के साथ 24.80 सैकेंड में रेस पूरी की. उन्हें इस दौरान थकान का भी सामना करना पड़ा क्योंकि जापान में शाकाहारी खाने के विकल्पों की कमी के चलते वह पूरी तरह से भूख नहीं मिटा पाई. इसी स्पर्धा में तेजलबेन डामोर ने 25.23 सैकेंड के साथ तीसरा स्थान हासिल किया. यह उनका पर्सनल बेस्ट रहा.
मनीष नरवाल की चांदी और पैरालिंपिक का कोटा
मनीष नरवाल ने पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा के SH1 इवेंट में सिल्वर मेडल जीता और 2028 पैरालिंपिक कोटा भी हासिल किया. हरियाणा के बल्लभगढ़ से आने वाले मनीष ने फाइनल में 233.7 का स्कोर बनाया. वह साउथ कोरिया के शूटर से पीछे रहे. उन्होंने 2024 पेरिस पैरालिंपिक में चांदी जीती थी. महिला 10 मीटर एयर पिस्टल SH1 इवेंट में सृष्टि अरोड़ा ने कांस्य पदक जीता. वह पहली बार इन खेलों में शामिल हुई. शूटिंग में अभी तक भारत को चार पदक मिले. इनमें एक गोल्ड, दो सिल्वर और एक ब्रॉन्ज शामिल है. गोल्ड मेडल मोना अग्रवाल ने 19 अक्टूबर को जीता था.
पावरलिफ्टिंग मे मिला सिल्वर मेडल
पावरलिफ्टिंग में अशोक कुमार मलिक ने पुरुषों की 65 किलो स्पर्धा में चांदी जीती. हरियाणा के गोहाना से आने वाले इस एथलीट ने 192 किलो वजन उठाया. 37 साल के अशोक ने पिछली बार कांस्य पदक जीता था. उन्हें बचपन में पोलियो हो गया था.
स्विमिंग में आए दो मेडल
भारतीय तैराक हिमांशु नांदल और निरंजन मुकुंदन ने दो कांस्य पदक जीते. 22 साल के हिमांशु ने पुरुषों की 400 मीटर फ्रीस्टाइल के S11 इवेंट में 5:10.91 मिनट के समय के साथ तीसरा स्थान हासिल किया. वह ऑप्टिक नर्व की समस्या के चलते बचपन से ही देख नहीं पाते हैं. निरजंन ने पुरुषों के 200 मीटर व्यक्तिगत मेडले SM7 इवेंट में 2:57.01 मिनट के साथ कांस्य हासिल किया.
टेबल टेनिस में रवि बेबी सहाना और प्राची पांडे ने इतिहास रचा. इन दोनों ने स्टैंडिंग कैटेगरी में मेडल जीता. भारत ने कुल चार पदक टेबल टेनिस में पक्के किए. भाविना पटेल, सोनलबेन पटेल, प्राची और सहाना को सेमीफाइनल्स में हार मिली. पिछली बार भारत को एशियन पैरा गेम्स में दो कांस्य मिले थे. इस बार इनकी संख्या चार हो गई.
तीरंदाजी में पांच मेडल पक्के, अब सोने की लड़ाई
डिफेंडिंग चैंपियन शीतल देवी और पहली बार इन खेलों का हिस्सा बनी स्वाति चौधरी ने कंपाउंड तीरंदाजी के अपने-अपने इवेंट के फाइनल में जगह बना ली. इस तरह से पैरा आर्चरी में पांच पदक तय हो गए. 19 साल की शीतल ने क्वालिफिकेशन राउंड में वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी की थी और नया एशियन गेम्स रिकॉर्ड बनाया था. उन्होंने सेमीफाइनल में जापान की शिनोहारा आया को 145-137 से मात दी. अब फाइनल में उनके सामने सिंगापुर की अलिम नूर सयाहिदा की चुनौती होगी.
पहली बार एशियन पैरा गेम्स में आईं स्वाति ने साउथ कोरिया की यूनही ली को 6-2 से W1 सेमीफाइनल में हराया. भारत की रिकर्व और कंपाउंड जोड़ियां भी फाइनल में पहुंच गईं. इस तरह से चार सिल्वर अभी तक पक्के हो गए. बिना बांह की तीरंदाज शीतल व पायल नाग की जोड़ी ने थाईलैंड की फानिबा स्राथॉन्गमाएव व वसाना खुथाविसाप को हराया. पूजा और भावना ने ईरानी की मोहादेसेह बाबाहबीब व रहिमी गाहडेरिजानी को रिकर्व सेमीफाइनल में मात दी.
पैरालिंपिक गोल्ड मेडलिस्ट हरविंदर सिंह और विजय सुंदी ने साउथ कोरिया जोड़ी को हराते हुए फाइनल में जगह बनाई. वहीं भारत की रिकर्व और कंपाउंड मिक्स्ड टीमों ने सेमीफाइनल में जगह बना ली. इन्होंने क्वार्टर फाइनल में थाईलैंड व जापान को मात दी.
बैडमिंटन में दो शटलर के मेडल पक्के
बैडमिंटन में वर्ल्ड चैंपियन प्रमोद भगत और पैरालिंपिक गोल्ड विजेता कुमार नीतेश ने पुरुष एकल SL3 कैटेगरी के सेमीफाइनल में जगह बना ली. इस तरह से दोनों के पदक तय हो गए. भगत लगातार पांचवीं बार मेडल लेकर आएंगे. उन्होंने जापान के देईसुके फुजिहारा को 21-12, 21-10 से हराया. उनका सामना अब साउथ कोरिया के ली सेंगहु से होगा. नीतेश ने भारत के ही विक्रम कुमार को हराया. उन्होंने 21-8 21-8 के अंतर से मैच जीता. वह अब इंडोनेशिया के अल मु इमरान से खेलेंगे.
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