CWG 2026: कौन हैं कॉमनवेल्थ गेम्स में चुनौती पेश करने वाले भारत के सबसे उम्रदराज और सबसे युवा ख‍िलाड़ी?

भारतीय दल में कुल 190 सदस्य शामिल हैं, जिसमें 125 एथलीट, 51 कोच और सपोर्ट स्टाफ और 14 दल अधिकारी. बर्मिंघम के मुकाबले, जहां भारत ने 210 एथलीट उतारे थे और 22 गोल्ड समेत 61 मेडल जीते थे, ग्लास्गो में चुनौती बिल्कुल अलग है.

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भारतीय टीम में 77 पुरुष और 48 महिला खिलाड़ी शामिल हैं (PC: X)

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भारत के 125 ख‍िलाड़ी कॉमनवेल्थ गेम्स में चुनौती पेश करेंगे.

भारतीय टीम में 77 पुरुष और 48 महिला खिलाड़ी शामिल हैं

भारत गुरुवार को ग्लास्गो में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में अपने अभियान की शुरुआत करेगा. 125 सदस्यों वाली यह छोटी, लेकिन मजबूत टीम कम किए गए इवेंट्स के बावजूद ज़्यादा से ज़्यादा मौके भुनाने की कोशिश करेगी. 23 जुलाई से 2 अगस्त तक चलने वाले इन खेलों में सिर्फ़ 10 खेल शामिल हैं, जिससे भारत को चार साल पहले बर्मिंघम में हुए बेहद सफल अभियान के बाद अपनी उम्मीदों को फिर से तय करना पड़ा है. 

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भारतीय टीम में 77 पुरुष और 48 महिला खिलाड़ी शामिल हैं, जो आठ सामान्य और पांच पैरा-स्पोर्ट्स इवेंट्स में हिस्सा लेंगे.  एथलेटिक्स इस अभियान का मुख्य हिस्सा है, जिसमें 32 खिलाड़ी शामिल हैं, जबकि बॉक्सिंग और जूडो में 14-14, वेटलिफ्टिंग में 12 और स्विमिंग में पांच खिलाड़ी हिस्सा लेंगे. टोक्यो ओल‍िंपिक में सिल्वर मेडल जीतने वाली मीराबाई चानू ओपनिंग सेरेमनी में भारत की ध्वजवाहक होंगी, जबकि टोक्यो में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली और पूर्व वर्ल्ड चैंपियन बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन बैटन-बेयरर होंगी. 

ग्लास्गो में अलग चुनौती

भारतीय दल में कुल 190 सदस्य शामिल हैं, जिसमें 125 एथलीट, 51 कोच और सपोर्ट स्टाफ और 14 दल अधिकारी. बर्मिंघम के मुकाबले, जहां भारत ने 210 एथलीट उतारे थे और 22 गोल्ड समेत 61 मेडल जीते थे, ग्लास्गो में चुनौती बिल्कुल अलग है. 2022 में 19 स्पोर्ट्स थे, जिन्हें घटाकर अब 10 कर दिया गया है, इसमें बैडमिंटन, रेसलिंग, हॉकी, टेबल टेनिस, क्रिकेट और स्क्वॉश जैसे ज़्यादा मेडल वाले खेल शामिल नहीं हैं. बर्मिंघम में भारत को मिले पदकों में से 30 पदक इन्हीं छह खेलों से आए, जिससे देश का पारंपरिक पदक आधार काफी कम हो गया.

नीरज चोपड़ा की वापसी

सीमित इवेंट के बावजूद भारत के पास कई ऐसे खिलाड़ी हैं जो सचमुच गोल्ड मेडल जीत सकते हैं. टोक्यो ओल‍िंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा चोट के कारण बर्मिंघम में हिस्सा नहीं ले पाए थे, लेकिन अब वे CWG में वापसी कर रहे हैं और पाकिस्तान के मौजूदा ओल‍िंपिक और कॉमनवेल्थ चैंपियन अरशद नदीम के साथ अपनी प्रतिद्वंद्विता को फिर से आगे बढ़ाएंगे. 

सबसे उम्रदराज खिलाड़ी

इस दल में अलग-अलग उम्र के खिलाड़ी शामिल हैं. 49 साल के लॉन बॉलर दिनेश कुमार सिंह सबसे उम्रदराज खिलाड़ी हैं और 16 साल की पैरा-साइकिलिस्ट लिशा दास सबसे कम उम्र की खिलाड़ी हैं. रांची के द‍िनेश ने प‍िछले कॉमनवेल्थ गेम्स में मैंस फोर इवेंट में कमाल किया था. उनकी टीम फाइनल में पहुंची थी, मगर नॉर्दर्न आयरलैंड के हाथों हार के बाद भारत को स‍िल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा. 

वहीं लिशा दास कॉमनवेल्थ गेम्स के कलिए क्वालिफाई करने वाले असम की पहली पैरा साइकलिस्ट हैं. वह जवाहर नवोदय व‍िद्यालय में क्लास 11 की स्टूडेंट हैं. उन्होंने प‍िछले साल नेशनल पैरा रोड साइकिल‍िंग चैंप‍ियनश‍िप में गोल्ड मेडल जीता था.

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