गुलवीर सिंह ने ग्लास्गो में देर रात इतिहास रच दिया.वे पुरुषों की 5000 मीटर दौड़ में कॉमनवेल्थ गेम्स का मेडल जीतने वाले पहले भारतीय बन गए हैं. इतना ही नहीं, वह गेम्स के एक ही एडिशन में दो मेडल जीतने वाले पहले भारतीय ट्रैक एंड फील्ड एथलीट बन गए. 28 जुलाई को 10 हजार मीटर दौड़ में सिल्वर मेडल जीतने के बाद मौजूदा एशियाई चैंपियन ने एथलेटिक्स प्रतियोगिता के आखिरी दिन 5000 मीटर दौड़ में ब्रॉन्ज मेडल भी जीता. उन्होंने यह दौड़ 13:24.95 में पूरी की.
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केन्या के मैथ्यू किपचुम्बा किपसांग ने 13:23.61 के समय के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि 10 हजार मीटर दौड़ में गोल्ड मेडल जीतने वाले ऑस्ट्रेलिया के काई रॉबिन्सन ने 5000 मीटर में 13:24.70 के समय के साथ सिल्वर मेडल हासिल किया.
0.04 सेकंड के अंतर से जीता मेडल
28 साल के गुलवीर सिंह के नाम 5000 मीटर और 10,000 मीटर दोनों में नेशनल रिकॉर्ड हैं.इस रेस में उनका समय उनके इस सीजन के सबसे अच्छे समय (13:03.93) से काफी ज़्यादा रहा.शनिवार को उनका समय उनके नेशनल रिकॉर्ड (12:59.77) से भी धीमा था.गुलवीर पूरी रेस के दौरान आगे चल रहे ग्रुप के साथ बने रहे और आखिरी लैप में अपनी चाल चली. उन्होंने केन्या के कॉर्नेलियस केमबोई को सिर्फ 0.04 सेकंड से पीछे छोड़कर ब्रॉन्ज मेडल जीता. जून में 12:56.02 का समय निकालने वाले और 13 मिनट से कम समय में दौड़ने वाले धावक केमबोई इस रेस में गुलवीर के ठीक पीछे रहे. इस ब्रॉन्ज मेडल के साथ गुलवीर की कामयाबियों की लिस्ट और लंबी हो गई है.इस लिस्ट में हांग्जो में हुए 2023 एशियन गेम्स में 10,000 मीटर में जीता गया ब्रॉन्ज मेडल भी शामिल है.
इसी के साथ कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के 10वें दिन तक भारत के मेडलों की संख्या कुल 39 हो गई है और मेडल टेबल में भारत 10वें स्थान से सीधे चौथे स्थान पर पहुंच गया. बीते दिन भारतीय मुक्केबाजों ने कुल 10 मेडल जीते, जिसमें सात गोल्ड और तीन सिल्वर शामिल है.
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