फिटनेस से जुड़ी परेशानियों से करीब एक साल तक जूझने के बाद भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने कहा कि पिछले 10 महीने उनके लिए बेहद चुनौतीपूर्ण रहे और उन्होंने ऐसे दौर का सामना किया, जिसके बारे में उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था.दो बार के ओलिंपिक मेडलिस्ट 28 साल के इस खिलाड़ी ने पिछले सप्ताह कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीता था.वह मुख्य रूप से जांघ की मांसपेशियों की चोट और कुछ अन्य शारीरिक परेशानियों से प्रभावित रहे थे.
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Asian Games 2026 से यह भारतीय खिलाड़ी बाहर, कॉमनवेल्थ गेम्स में रचा था इतिहास
चोट के कारण नीरज का सत्र देर से शुरू हुआ, लेकिन उन्होंने ग्लास्गो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 85.83 मीटर के सत्र के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ अपनी लय हासिल कर ली. नीरज ने इंस्टाग्राम पर कॉमनवेल्थ गेम्स में अपने प्रदर्शन का वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि कुछ भाले लंबी दूरी तय करते हैं और कुछ पल पूरी यात्रा का भार अपने साथ लेकर आते हैं.पिछले 10 महीने ने उनकी ऐसी परीक्षा ली, जिसकी उन्होंने कभी उम्मीद नहीं की थी.
चोट से रहे परेशान
नीरज ने आगे कहा कि कई चोटों से उबरना, अपने शरीर को दोबारा मजबूत बनाना, फिर से लय हासिल करना और उस समय धैर्य रखना जब वह केवल प्रतियोगिता में उतरना चाहते थे.वह हर दिन अभ्यास कर रहे थे, लेकिन यह भी नहीं पता था कि इस साल उन्हें खेलने का मौका मिलेगा या नहीं. नीरज ने 2018 में ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में 86.47 मीटर के थ्रो के साथ गोल्ड मेडल जीता था, लेकिन चोट के कारण 2022 के एडिशन में हिस्सा नहीं ले सके थे. पिछले साल सितंबर में वर्ल्ड चैंपियनशिप से ठीक पहले उन्हें कमर के निचले हिस्से में चोट लगी थी और कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले उन्होंने केवल एक प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था.
ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स में खराब मौसम के कारण मुश्किल परिस्थितियों के बीच नीरज को श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिरागे 89.75 मीटर के थ्रो के साथ पीछे छोड़ा. पथिरागे मौजूदा सत्र में सबसे अधिक दूरी तक भाला फेंकने वाले खिलाड़ी है.
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