नीरज चोपड़ा बाहर तो अब जैवलिन थ्रो में पदक के लिए किसके भरोसे है भारत, कौन कर सकता है रिप्लेस

नीरज चोपड़ा ने चोट की वजह से एशियन गेम्स 2026 से बाहर होने का फैसला किया है. इससे पुरुष जैवलिन स्पर्धा मेें भारत की पदक की उम्मीद को तगड़ा झटका लगा है.

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Neeraj Chopra in this frame. (Getty)

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एशियन गेम्स के पिछले दो एडिशन में भारत ने ही पुरुष जैवलिन स्पर्धा का गोल्ड मेडल जीता था.

नीरज चोपड़ा ने पिछले दो एशियन गेम्स में गोल्ड जीते थे.

नीरज चोपड़ा एशियन गेम्स 2026 से बाहर हो गया. इससे जापान में होने वाले इन खेलों में भारत की पदक की उम्मीद को झटका लगा है. नीरज चोपड़ा ने चोट की वजह से नाम वापस लिया है. खेल मंत्रालय ने एशियन गेम्स के लिए पुरुषों की जैवलिन स्पर्धा के लिए दो एथलीट्स को चुना था. नीरज के साथ रोहित यादव को जाना था. अब एक दावेदार के बाहर होने से देखना होगा कि भारत जैवलिन स्पर्धा में नीरज की जगह किसे चुनता है.

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रोहित से भारत को अब पुरुष जैवलिन स्पर्धा में पदक की उम्मीद रहेगी. उन्होंने हाल ही में 87.68 मीटर का थ्रो किया था जो उनके करियर का सबसे अच्छा प्रदर्शन है. वे इसके जरिए नीरज के बाद भारत के सबसे बेस्ट थ्रोअर बन गए थे. रोहित ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भी हिस्सा लिया था. हालांकि वहां पर वह पदक नहीं जीत पाए थे.

नीरज की जगह कौन लेगा

नीरज के बाहर होने पर उनकी जगह यशवीर को शामिल किया जा सकता है. उन्होंने एशियन गेम्स क्वालिफायर में 83.72 मीटर के थ्रो के साथ दूसरा स्थान हासिल किया था. फिर कॉमनवेल्थ गेम्स में 85.41 मीटर थ्रो के जरिए कांसा जीता था. वह इस सीजन एशिया में चौथे बेस्ट थ्रोअर हैं. लेकिन यशवीर को एशियन गेम्स की लिस्ट में जगह नहीं दी गई थी. अब देखना होगा कि क्या एथलेटिक्स फेडरेशन या भारतीय ओलिंपिक एसोसिएशन यशवीर का नाम एशियन गेम्स के लिए भेजती हैं.

एथलेटिक्स फेडरेशन ने अभी तक एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय एथलीट्स की अंतिम सूची जारी नहीं की है.

भारत पिछले दो एडिशन से एशियन गेम्स में जीत रहा गोल्ड

एशियन गेम्स के पिछले दो एडिशन में भारत ने ही पुरुष जैवलिन स्पर्धा का गोल्ड मेडल जीता था. दोनों बार नीरज चोपड़ा ने पहला स्थान हासिल किया था. पिछले एडिशन में भारत के ही किशोर जेना दूसरे नंबर पर रहे थे. अबकी बार नीरज के पास गोल्ड की हैट्रिक का मौका था. हालांकि उन्हें श्रीलंका के रुमेश पाथिरागे और पाकिस्तान के अरशद नदीम से कड़ी चुनौती मिलती. पाथिरागे अभी कमाल की फॉर्म में हैं. उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीता और वे दो बार 92 मीटर की दूरी पार कर चुके हैं.

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