भारत के स्टार जैवलिन खिलाड़ी नीरज चोपड़ा अपने 2026 सीजन की शुरुआत दोहा डायमंड लीग मीट से करेंगे, जो शुक्रवार 19 जून को कतर की राजधानी में होगी. दो बार के ओलिंपिक मेडलिस्ट और पूर्व वर्ल्ड चैंपियन पिछले साल टोक्यो में हुई वर्ल्ड चैंपियनशिप में खराब प्रदर्शन के बाद पहली बार वापसी करेंगे. उस चैंपियनशिप के फाइनल में वे आठवें स्थान पर रहे थे और उन्होंने अपने पहले प्रयास में 84.38 मीटर का बेस्ट थ्रो किया था.
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इसके बाद नीरज ने इस साल जनवरी में चेक जैवलिन दिग्गज जान जेलेज़्नी से अलग होने का फैसला किया था. तब से वह जय चौधरी के साथ काम कर रहे हैं, जो पानीपत में उनके पहले कोच थे और जिन्होंने उन्हें इस खेल की बुनियादी बातें सिखाई थीं.
टोक्यो के बाद खास चीजों पर काम
2026 डायमंड लीग के सातवें चरण से पहले पत्रकारों से बात करते हुए नीरज ने ज़ेलेज़नी से अलग होने के अपने फ़ैसले की वजह बताई. प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय स्टार ने कहा कि टोक्यो के बाद वह और जान बहुत खास चीजों पर काम कर रहे थे, लेकिन उन्हें पूरे सीजन के दौरान एक ही जगह पर रहना था और ऐसा असल में मुमकिन नहीं हो पा रहा था. नीरज ने आगे बताया कि टोक्यो वर्ल्ड चैंपियनशिप के बाद उन्होंने तय किया कि शायद उन्हें अपने आइडिया और तरीके से काम करने की जरूरत है. अब वह ऐसे व्यक्ति के साथ काम कर रहे हैं, जो मेरे शुरुआती दिनों में उनके सीनियर थे. वह पिछले 15-16 सालों से उनकी कहानी जानते हैं.
दोहा में पार की थी 90 मीटर की बाधा
दोहा डायमंड लीग खलीफा इंटरनेशनल स्टेडियम में होगी और यह भारतीय समयानुसार रात 8:10 बजे शुरू होगी, जबकि पुरुषों का जैवलिन इवेंट रात करीब 11 बजे शुरू होगा. पिछले साल इसी इवेंट में नीरज ने आखिरकार 90 मीटर की बाधा पार की थी, एक ऐसी उपलब्धि हासिल की थी, जिसका वो सपना देखा करते थे. हालांकि उनका 90.23 मीटर का थ्रो इवेंट जीतने के लिए काफ़ी नहीं था, क्योंकि जर्मनी के जूलियन वेबर ने भी अपने करियर में पहली बार 90 मीटर का आंकड़ा पार किया और 91.06 मीटर के बेस्ट थ्रो के साथ इवेंट जीता.
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