मीराबाई चानू ने एक बार फिर वेटलिफ्टिंग में अपना दबदबा साबित कर दिया है. कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में महिलाओं के 48 किग्रा वेट कैटेगरी में उन्होंने गोल्ड जीतकर इतिहास रच दिया.कॉमनवेल्थ गेम्स में मीराबाई का यह लगातार तीसरा गोल्ड है. इस जीत के बाद भारत की स्टार वेटलिफ्टर ने खुलासा किया कि उन्होंने तीन दिनों तक ना तो कुछ खाया और ना ही पानी तक पिया. उन्होंने बताया कि ऐसा उन्होंने वजन को बनाए रखने के लिए किया था. मीराबाई ने कुल 190 किलोग्राम उठाया,जिसमें स्नैच में 85 किलोग्राम और क्लीन एंव जर्क में 105 किलोग्राम वजन उठाया.
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इसके बाद मीडिया से बातचीत करते हुए मीराबाई ने सबसे पहले यही कहा कि जल्दी-जल्दी करो, मैंने दो दिन से कुछ खाया नहीं है. टोक्यो ओलिंपिक की सिल्वर मेडलिस्ट मीराबाई ने बताया कि अपना वजन नियंत्रित करना बेहद मुश्किल होता है.किसी भी खिलाड़ी के लिए वजन कम रखना बहुत बड़ी चुनौती है. जब वह 48 किग्रा वर्ग में खेलती हैं तो वजन को कंट्रोल करना और भी कठिन हो जाता है, क्योंकि उनके पास वजन कम करने की बहुत कम गुंजाइश बचती है.
तय वजन तक पहुंचने के लिए छोड़ा
स्टार खिलाड़ी ने आगे बताया कि इस बार तय वजन तक पहुंचने के लिए उन्हें सब कुछ छोड़ना पड़ा.उन्होंने तीन दिनों तक खाना नहीं खाया और पानी भी नहीं पिया.उन्होंने बताया कि उनका सामान्य वजन 50.5 किलोग्राम है. 49 किलोग्राम वर्ग के लिए उन्हें लगभग 1.5 किलोग्राम वजन कम करना पड़ता है, लेकिन 48 किलोग्राम वर्ग के लिए इससे भी ज्यादा वजन घटाना पड़ता है, जो वास्तव में बहुत कठिन है.
यह कॉमनवेल्थ गेम्स में मीराबाई का लगातार तीसरा गोल्ड मेडल है.इससे पहले उन्होंने 2018 और 2022 में भी खिताब जीता था. मीराबाई ने ग्लास्गो में 2014 कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीता था. मीराबाई ने गोल्ड तय हो जाने के बाद कोई अनावश्यक जोखिम नहीं लिया और दो महीने से भी कम समय बाद होने वाले एशियाई खेलों को ध्यान में रखते हुए अपना तीसरा प्रयास नहीं किया.
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