Ranji Trophy के फाइनल में बंगाल की धमाकेदार एंट्री, गतचैंपियन मध्य प्रदेश को 306 रनों से रौंदा

Ranji Trophy के फाइनल में बंगाल की धमाकेदार एंट्री, गतचैंपियन मध्य प्रदेश को 306 रनों से रौंदा

भारत में इन दिनों रणजी ट्रॉफी 2022-23 सीजन के सेमीफाइनल मैच जारी थे. जिसमें बंगाल के खेल मंत्री मनोज तिवारी की कप्तानी वाली बंगाल टीम ने मध्य प्रदेश को सेमीफाइनल में बुरी तरह 306 रनों से हरा डाला है. इस तरह पिछली बार की चैंपियन मध्य प्रदेश की टीम जहां हारकर बाहर हो गई. वहीं बंगाल की टीम ने फाइनल में जगह बना ली है. जहां उसका सामना सौराष्ट्र और कर्नाटक के बीच खेले जाने वाले दूसरे सेमीफाइनल की विजेता टीम से होगा. बंगाल के लिए ख़ास बात ये है कि इस बार रणजी ट्रॉफी का फाइनल मुकाबला 16 फरवरी से उसके ही घर कोलकाता के ईडन गार्डेन्स स्टेडियम में खेला जाएगा. जिसमें बंगाल की टीम जीत हासिल करके इसे यादगार बनाना चाहेगी. 

मजुमदार बने हीरो

बंगाल के लिए मैच के हीरो अनुस्तूप मजुमदार रहे. जिन्होंने पहली पारी में जहां 120 रनों की शतकीय पारी खेली. उसके बाद दूसरी पारी में 219 गेंदों पर सात चौके से 80 रन बनाकर महत्वपूर्ण योगदान दिया. जिसके चलते बंगाल ने पहली पारी में 438 रन बनान के बाद दूसरी पारी में 279 रन बनाए और मध्य प्रदेश को 548 रनों का विशाल लक्ष्य दिया था. इसके बाद एमपी की दूसरी पारी को समेटने में लेफ्ट आर स्पिनर प्रदीप प्रमाणिक ने कोई कसर नहीं छोड़ी. प्रदीप ने पांच विकेट लेकर एमपी की दूसरी पारी को अंतिम दिन 241 रनों पर समेट दिया. जिससे बंगाल ने 306 रनों की धमाकेदार जीत से फाइनल में एंट्री की. एमपी की तरफ से दोनों पारी की बात करें तो बल्लेबाज कुछ ख़ास नहीं कर सके. जिसके चलते पिछली बार की चैंपियन टीम को मैच से हाथ धोना पड़ा.     

170 पर सिमटी एमपी
इसके बाद एमपी पहली पारी में बल्लेबाजी करने उतरी तो बंगाल के तेज गेंदबाज आकाश दीप की गेंदों का जवाब नहीं दे सकी. आकाश ने एमपी के खिलाफ पहली पारी में 18 ओवर के स्पेल में 42 रन देकर पांच विकेट लिए. जिससे एमपी की टीम 170 रनों पर ही ढेर हो गई. आकाश के अलावा दो विकेट शाहबाज अहमद ने भी चटकाए. इस तरह पहली पारी में 268 रनों से पिछड़ने के बाद ही एमपी की टीम बैकफुट पर चली गई और फिर मैच में वापसी नहीं कर साकी. 268 रनों की बढ़त के बावजूद बंगाल ने दूसरी पारी में एक बार फिर मजुमदार की 80 रनों की पारी से 279 रन बनाए. जिससे उनकी टीम ने विशाल 548 रनों का लक्ष्य दिया. एमपी के लिए तेज गेंदबाज अवेश खान भी कुछ कमाल नहीं कर सके और दोनों पारी मिलकर सिर्फ दो विकेट ही ले सके.