इंग्लैंड ने तीसरे T20I मैच में भारत को 125 रनों से हराकर पांच मैचों की सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली. इस मैच की प्लेइंग XI से संजू सैमसन को अचानक बाहर किए जाने के बावजूद भारत के हेड कोच गौतम गंभीर का कहना है कि वे अभी भी टीम में जगह बनाने की दौड़ में हैं. रनों के मामले में T20I में भारत की यह सबसे बड़ी हार है, जिससे टीम के सेलेक्शन फैसलों पर सवाल उठने लगे हैं. 202 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम 11.4 ओवर में सिर्फ 76 रनों पर ऑलआउट हो गई.
सीरीज में वापसी कर सकते सैमसन
हार के बाद बात करते हुए गंभीर ने उन बातों को खारिज कर दिया कि सैमसन टीम की योजनाओं से बाहर हो गए हैं. उन्होंने बताया कि सैमसन से उनकी भूमिका के बारे में पहले ही बात कर ली है. गंभीर ने कहा कि सैमसन को जिस स्पष्टता की जरूरत थी, वह मेरी तरफ से उन्हें दे दी गई है. भारतीय कोच ने फिर कहा कि सैमसन के योगदान को भुलाया नहीं गया है, लेकिन टीम में चुने जाने का आधार खिलाड़ी की मौजूदा फॉर्म ही होगी. उन्होंने साफ कर दिया है कि ऐसा कोई सख्त नियम नहीं है कि सैमसन इस सीरीज में वापसी नहीं कर सकते.
गंभीर की हर खिलाड़ी को चेतावनी
गंभीर ने टीम के चयन के तरीके का भी बचाव करते हुए कहा कि हर खिलाड़ी को अपनी जगह बनाने के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा.
पूरे दौरे के दौरान भारत को संघर्ष करते देख गंभीर ने माना कि टीम वहां के हालात के हिसाब से खुद को ढालने में नाकाम रही है और यह चिंता आयरलैंड और इंग्लैंड दोनों के खिलाफ नतीजों में भी साफ दिखी है. नॉटिंघम में मिली करारी हार ने भारत की टीम कॉम्बिनेशन को लेकर चल रही बहस को और तेज कर दिया है. हालांकि गंभीर ने यह साफ कर दिया है कि सैमसन का इंटरनेशनल करियर अभी खत्म नहीं हुआ है, लेकिन भारत के लगातार खराब प्रदर्शन का मतलब है कि जब तक नतीजे बेहतर नहीं होते, तब तक टीम चुनने के हर फैसले पर बारीकी से नजर रखी जाएगी.
मुकाबले की बात करें तो इंग्लैंड ने पहले बैटिंग करते हुए फिल सॉल्ट के 70 रन, सैम करन के नाबाद 41 रन और जॉस बटलर की 36 रन की पारी की बदौलत इंग्लैंड ने 20 ओवर में सात विकेट पर 201 रन बनाए. जवाब में भारतीय टीम 11.4 ओवर में 76 रन पर ही ढेर हो गई. भारत के लिए सबसे ज्यादा 13 रन वैभव सूर्यवंशी और इशान किशन ने बनाए.




