ऑस्ट्रेलिया ने भारत के अपने अब तक के सबसे बड़े टेस्ट दौरे की तैयारी शुरू कर दी है, मगर इसके बाद भी ऑस्ट्रेलिया की टीम अपनी पुरानी रणनीति पर भी कायम रहेगी और कोई वार्म -अप मैच नहीं खेलेगी.इसके बजाय वे ऐसी परिस्थितियों में ट्रेनिंग करेंगे, जो सीरीज के दौरान मिलने की उम्मीद है, ताकि खिलाड़ी वहां के माहौल के हिसाब से खुद को ढाल सकें. ऑस्ट्रेलिया अगले साल जनवरी में पांच मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए भारत का दौरा करेगी. 1979 के बाद से भारत में किसी टेस्ट सीरीज में यह उनके द्वारा खेले जाने वाले सबसे ज़्यादा मैच होंगे.
तैयारी के लिए काफी समय
हालांकि मैकडोनाल्ड का मानना है कि उनके पास तैयारी के लिए काफी समय होगा. मैकडोनाल्ड ने cricket.com.au से कहा कि उन्हें लगता है कि उनके पास उन हालात में ढलने के लिए काफी समय है.वह कोई प्रैक्टिस मैच नहीं खेलेंगे. वह बस उस जगह के माहौल को समझने पर ध्यान देंगे.उन्होंने आगे कहा कि उनके पास वहां कुछ विकल्प हैं.वह पहले UAE जा चुके हैं और पिछली बार भारत में बैंगलोर भी गए थे, इसलिए वह इस बात पर विचार कर रहे हैं कि खिलाड़ियों को कैसे मैनेज किया जाए.
मैकडोनाल्ड ने संकेत दिया कि न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू चार टेस्ट मैचों की सीरीज में खेलने वाले खिलाड़ी ही भारत दौरे के लिए चुने जाएं, यह ज़रूरी नहीं है.उन्होंने कहा कि बहुत कुछ न्यूजीलैंड के खिलाफ चार टेस्ट मैचों के बाद तय होगा.यह देखते हुए कि खिलाड़ी किस स्थिति में हैं.हो सकता है कि उनके पास अलग-अलग स्किल वाले कुछ अलग खिलाड़ी हों जो उन्हें लगता है कि भारत में अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं, इसलिए जरूरी नहीं कि वही टीम हो जो (NZ के खिलाफ) टेस्ट सीरीज खत्म करेगी. उन्होंने आगे कहा कि कुछ खिलाड़ी ऐसे हैं जिनकी तैयारी पर उन्हें थोड़ा ज़्यादा ध्यान देना होगा और इसकी शुरुआत ऑस्ट्रेलिया में ही हो जाएगी, जिसमें बिग बैश की प्रतिबद्धताओं और ऐसी ही अन्य चीज़ों के बीच संतुलन बनाना शामिल होगा.




