ऑस्ट्रेलिया के पूर्व ऑलराउंडर मोइसेस हेनरिक्स ने ऑस्ट्रेलिया की बजाय पुर्तगाल की तरफ से इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने का फैसला किया है और वह अगस्त में होने वाले T20 वर्ल्ड कप क्वालिफायर में अपने जन्मस्थान वाले देश का प्रतिनिधित्व करेंगे. इस अनुभवी क्रिकेटर ने पुर्तगाल के साथ अपना इंटरनेशनल करियर फिर से शुरू करने का फ़ैसला किया है. हेनरिक्स का जन्म वहीं हुआ था और कम उम्र में ही वह ऑस्ट्रेलिया चले गए थे.
क्वालीफायर में पुर्तगाल का सफर
पुर्तगाल का सफर फिनलैंड में होने वाले यूरोपियन सब-रीजनल क्वालीफायर से शुरू होगा, जो टूर्नामेंट के 2028 एडिशन के लिए क्वालीफिकेशन प्रक्रिया का पहला चरण है. वर्ल्ड कप की मेजबानी संयुक्त रूप से ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड करेंगे. हेनरिक्स इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) के उस अनिवार्य तीन साल के 'स्टैंड-डाउन' पीरियड को पूरा करने के बाद पुर्तगाल का प्रतिनिधित्व करने के लिए योग्य हो गए, जो 'फुल मेंबर' देश से 'एसोसिएट' देश में जाने वाले खिलाड़ियों के लिए लागू होता है. इस शर्त को पूरा करने के बाद अब वह अपने जन्मस्थान वाले देश के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने के लिए स्वतंत्र है.
टाइटल जीतने वाले खिलाड़ी हेनरिक्स
मोइसेस हेनरिक्स ऑस्ट्रेलिया के सबसे कामयाब घरेलू और फ्रेंचाइज क्रिकेटरों में से एक हैं. उन्होंने अपने करियर में ऑस्ट्रेलियाई घरेलू क्रिकेट, बिग बैश लीग, इंडियन प्रीमियर लीग और चैंपियंस लीग T20 में 11 बड़े टाइटल जीते हैं. उन्हें सिडनी सिक्सर्स के साथ सबसे ज़्यादा कामयाबी मिली. उन्होंने 2011-12 में टीम को पहला BBL टाइटल जिताने में मदद की और फिर 2019-20 और 2020-21 में लगातार दो बार टीम को चैंपियन बनाया. हेनरिक्स ने सनराइजर्स हैदराबाद के IPL 2016 टाइटल जीतने वाले अभियान में भी अहम भूमिका निभाई. फ्रेंचाइज क्रिकेट के अलावा हेनरिक्स ने न्यू साउथ वेल्स के साथ पांच घरेलू ट्रॉफियां जीतीं, जिनमें 2013-14 शेफील्ड शील्ड, तीन वन-डे कप टाइटल और 2008-09 KFC टी20 बिग बैश शामिल हैं. उन्होंने न्यू साउथ वेल्स (2009) और सिडनी सिक्सर्स (2012) के साथ दो बार चैंपियंस लीग T20 भी जीती.
इसके बाद हेनरिक्स ने साल 2013 में भारत के खिलाफ चेन्नई टेस्ट से इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया था. डेब्यू मैच की दोनों पारियों में उन्होंने फिफ्टी लगाई थी. वह ऑस्ट्रेलिया के लिए चार टेस्ट खेले, जिसमें 164 रन बनाए और दो विकेट लिए. वहीं 16 वनडे मैचों में 117 रन बनाने के साथ ही आठ विकेट लिए. 24 टी20 मैचों में 355 रन बनाए और सात विकेट लिए.


