स्टार भारतीय ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा का 210 वनडे मैचों का करियर शायद खत्म हो गया है, क्योंकि सेलेक्शन कमिटी आने वाले वर्ल्ड कप के लिए टीम के मुख्य स्पिन-बॉलिंग ऑलराउंडर के तौर पर अक्षर पटेल को प्राथमिकता दे रही है. बर्मिंघम में इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे में शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए अक्षर को 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया. उन्होंने पहले वनडे में अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 62 रन देकर 4 विकेट लिए और फिर नाबाद अर्धशतक जड़कर भारत को छह विकेट से आसान जीत दिलाई.
सेलेक्टर्स में हिचकिचाहट
टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार सेलेक्टर इस फॉर्मेट में जडेजा को अपनी पहली पसंद के स्पिनर के तौर पर वापस लाने को लेकर हिचकिचा रहे हैं. अच्छे स्पिन-बॉलिंग ऑलराउंडर की कमी और बल्लेबाजी में कुलदीप का सीमित योगदान होने की वजह से टीम मैनेजमेंट ऐसे स्पिनर की तलाश में है जो टीम के टॉप सात बल्लेबाज़ों में अपनी जगह बनाने लायक योगदान दे सके. BCCI के सोर्स का कहना है कि कुछ समय से व्हाइट-बॉल क्रिकेट में जडेजा की बॉलिंग उम्मीद के मुताबिक नहीं रही है. वह चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में इसलिए खेले, क्योंकि भारत को दुबई में टर्निंग ट्रैक की उम्मीद थी. सोर्स ने आगे कहा कि उनकी पावर-हिटिंग भी उस स्तर पर नहीं है जैसी 2019 के वनडे वर्ल्ड कप के दौरान थी.
हालांकि अक्षर को साउथ अफ़्रीका में मिले सीमित वनडे मौकों में कोई खास असर छोड़ने में मुश्किल हुई है. तीन मैचों में वे सिर्फ आठ रन बना पाए और केवल एक विकेट ले सके. इस साल की शुरुआत में न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज जडेजा के लिए निराशाजनक रही. वे 14.33 के खराब औसत और 66.15 के स्ट्राइक रेट से सिर्फ 43 रन बना पाए और भारत यह तीन मैचों की सीरीज 2-1 से हार गया. जडेजा के वनडे करियर की बात करें तो 210 मैचों की 142 पारियों में उन्होंने 32.27 की औसत और 85.54 की स्ट्राइक रेट से 2905 रन बनाए. वहीं 232 विकेट भी लिए.




