टेस्ट क्रिकेट होगा दो-फाड़! जय शाह की इंग्लैंड-ऑस्ट्रेलिया के साथ बड़ी मीटिंग, भारत भविष्य में सिर्फ इन टीमों से ही खेलेगा

SportsTak

SportsTak

अपडेटेड:

google-icon
जसप्रीत बुमराह और पैट कमिंस.
जसप्रीत बुमराह और पैट कमिंस.

Story Highlights:

टेस्ट क्रिकेट का दो डिवीजन वाला ढांचा 2027 के बाद लागू हो सकता है.

आईसीसी चेयरमैन जय शाह क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड से दो डिवीजन वाले टेस्ट क्रिकेट को लेकर मुलाकात करेंगे.

टेस्ट क्रिकेट के दो डिवीजन के एक ग्रुप में सात और दूसरे में पांच टीमें होंगी.

टेस्ट क्रिकेट में आने वाले समय में क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिल सकते हैं. क्रिकेट के सबसे शक्तिशाली लोग टेस्ट में दो डिवीजन करने पर विचार कर रहे हैं. इसके तहत बड़ी और मजबूत टीमें एक डिवीजन में खेलेंगी जबकि कमजोर टीमें दूसरी डिवीजन में शामिल होंगी. जानकारी मिली है कि आईसीसी चेयरमैन जय शाह इस महीने के आखिर में क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के चेयरमैन माइक बेयर्ड और इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन रिचर्ड थॉम्पसन से दो डिवीजन वाले टेस्ट क्रिकेट को लेकर मुलाकात करेंगे. अगर दो डिवीजन वाले टेस्ट क्रिकेट को मंजूरी मिलती है तब भारत, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड आपस में ज्यादा क्रिकेट खेलेंगे.

रवि शास्त्री-माइकल वॉन ने की टेस्ट क्रिकेट को बांटने की तरफदारी

 

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच हाल ही में पांच टेस्ट की सीरीज काफी लोकप्रिय हुई थी. इसमें लगातार मैचों के दौरान स्टेडियम दर्शकों से भरे रहे थे. इसे टीवी पर सबसे ज्यादा देखी गई टेस्ट सीरीज माना जा रहा है. भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कोच रवि शास्त्री और इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने टेस्ट क्रिकेट में दो डिवीजन रखने का समर्थन किया है. 

बीसीसीआई ने 2016 में किया था टेस्ट क्रिकेट के बंटवारे का विरोध

 

टेस्ट क्रिकेट में दो डिवीजन बनाने का विचार आईसीसी में 2016 में भी आया था. लेकिन तब बीसीसीआई ने श्रीलंका, बांग्लादेश और जिम्बाब्वे के साथ मिलकर इसका विरोध किया था. ऐसे में यह विचार ठंडे बस्ते में चला गया था. तत्कालीन बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने कहा था, बीसीसीआई दो टियर वाले टेस्ट सिस्टम के खिलाफ है क्योंकि इससे छोटे देश पीछे रह जाएंगे और बीसीसीआई उनकी परवाह करता है. उनके हितों की रक्षा करना जरूरी है.