इशान किशन अभी दलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन की कप्तानी कर रहे हैं. उनकी टीम ने 25 अगस्त को नॉर्थ ईस्ट जोन को पारी और 210 रन से हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली. इशान किशन ने इसके बाद बताया कि क्रिकेटर्स के लिए अलग-अलग फॉर्मेट में खेलना कितना मुश्किल होता है. बाएं हाथ का यह विकेटकीपर बल्लेबाज जनवरी 2026 से लगातार खेल रहा है. वह टी20 इंटरनेशनल में भारत के अहम खिलाड़ी बन चुके हैं. इसके अलावा आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद की ओर से खेले. अब लाल गेंद का टूर्नामेंट खेल रहे हैं.
इशान किशन ने बताया कैसे मुश्किल है खिलाड़ियों का जीवन
किशन ने बताया कि खिलाड़ी की जिंदगी कठिन रहती है. उन्होंने कहा, 'आपको समझने की जरूरत है कि एक खिलाड़ी के तौर पर हमारे लिए जीवन कठिन हो सकत है. यह लगता आसान है जैसे एक खिलाड़ी आया, मैच खेला और चला गया. ऐसा नहीं होता है. वे अलग-अलग जगह जाते हैं, सोचते रहते हैं, हर समय दिमाग में बहुत कुछ रहता है. मगर कुछ बड़ा करना है तो यह होना भी जरूरी है. आप बहाने नहीं बना सकते. खुद को बेहतर बनाने पर ध्यान होना चाहिए न कि काबू से बाहर रहने वाली चीजों पर रोना चाहिए.'
किशन बोले- पसंद है लाल गेंद क्रिकेट
किशन भारत के लिए 32 वनडे और 55 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेल चुके हैं. दो टेस्ट भी उनके नाम हैं. इस फॉर्मेट में भारत के लिए वे आखिरी बार जुलाई 2023 में खेले थे. लेकिन किशन फिर से भारत के लिए टेस्ट खेलने की तमन्ना रखते हैं. उन्होंने कहा, 'मुझे लाल गेंद क्रिकेट खेलना पसंद है. मुझे लगता है कि लोग मेरी बात मानेंगे नहीं क्योंकि जब मैं ऐसा कहता हूं तो वे हंसते हैं. लेकिन मैं ईमानदारी से कह रहा हूं. मुझे लाल गेंद क्रिकेट पसंद है.'
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