बेन स्टोक्स के रिटायरमेंट ने तोड़ा जोफ्रा आर्चर का दिल, हुए इमोशनल, बोले- मेरा मन नहीं करता कि...

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बेन स्टोक्स के साथ जोफ्रा आर्चर. (Photo: Getty)
बेन स्टोक्स के साथ जोफ्रा आर्चर. (Photo: Getty)

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बेन स्टोक्स के इंटरनेशनल करियर का आखिरी मैच ट्रेंटब्रिज टेस्ट रहा.

जोफ्रा आर्चर ने स्टोक्स की कप्तानी में सात टेस्ट खेले.

बेन स्टोक्स ने इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच तीसरे व आखिरी टेस्ट के बीच इंटरनेशनल क्रिकेट छोड़ दिया. उनके अचानक से लिए गए फैसले ने सभी को हैरान कर दिया. इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर भी इससे अलग नहीं हैं. वे इस कदम से काफी दुखी हैं और अब उनका आगे बढ़ने का भी मन नहीं करता. जोफ्रा आर्चर ने न्यूजीलैंड के साथ टेस्ट सीरीज की समाप्ति के बाद यह बात कही. स्टोक्स के इंटरनेशनल करियर का आखिरी मैच ट्रेंटब्रिज टेस्ट रहा. इसमें इंग्लिश टीम को 160 रन से हार मिली.

आर्चर ने 2019 में जो रूट की कप्तानी में इंग्लैंड के लिए टेस्ट डेब्यू किया था. लेकिन उन्होंने स्टोक्स के नेतृत्व में ज्यादा बेहतर गेंदबाजी की. उन्होंने इस ऑलराउंडर की कप्तानी में सात टेस्ट खेले. इनमें 27.25 की औसत से 27 विकेट लिए. वहीं रूट की कप्तानी में खेले 13 टेस्ट में उन्होंने 30.02 की औसत से 44 शिकार किए थे.

आर्चर ने स्टोक्स के संन्यास पर क्या कहा

आर्चर ने स्टोक्स के संन्यास पर कहा, 'न केवल कप्तान बल्कि एक दोस्त के तौर पर भी उसकी याद आएगी. वह ऐसा शख्स है जिसके पास हमेशा जाया जा सकता है. उन्हें अलग-अलग आइडिया दे सकते हैं. उनकी बहुत कमी खलेगी. मुझे लगता है कि उनके बिना ड्रेसिंग रूम में जाना बहुत मुश्किल रहने वाला है. मैं जिस भी मैच में खेला हूं उनमें वह शामिल रहे हैं. इसलिए उनके जाने का मतलब है कि अब तो मेरा मन भी नहीं है कि मैं भविष्य की तरफ देखूं. हमारे पास विकल्प नहीं होते. लेकिन इस बात को समझने में समय लगेगा.'

आर्चर को लगातार स्टोक्स ने किया सपोर्ट

आर्चर पिछले कुछ सालों में लगातार चोटिल रहे थे और इस वजह से इंग्लैंड के लिए नहीं खेल पाए. मगर इस दौरान उन्हें स्टोक्स से लगातार समर्थन मिला था. आर्चर ने आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेलने के लिए न्यूजीलैंड के साथ पहले टेस्ट को मिस कर दिया था. तब उनकी काफी आलोचना हुई थी. इंग्लैंड के कई पूर्व क्रिकेटर्स ने उनके इस फैसले को कोसा था. लेकिन स्टोक्स ने आर्चर के फैसले का बचाव किया था. उन्होंने इस बात की वकालत की थी कि खिलाड़ियों को खेलने के फैसले को लेकर आजादी मिलनी चाहिए.