जिम्बाब्वे ने बांग्लादेश के इकलौते टेस्ट में पारी और 85 रन से हराकर इतिहास रच दिया. उसने मेहमान टीम को खेल के तीसरे दिन दूसरी पारी में 185 रन पर ढेर कर सफलता हासिल की. यह जिम्बाब्वे की टेस्ट में सबसे बड़ी जीत है. उसने आठ महीने में दूसरी बार अपना रिकॉर्ड तोड़ा है. जिम्बाब्वे ने अक्टूबर 2025 में अफगानिस्तान को पारी और 73 रन से हराया था. इससे पहले उसने 1995 में पाकिस्तान को पारी व 64 रन से मात दी थी.
जिम्बाब्वे ने बांग्लादेश को पहली पारी में 140 रन पर ढेर कर दिया था. इसके बाद इनोसेंट काया के करियर के पहले टेस्ट शतक के बूते 410 रन का स्कोर बनाया. काया ने 140 रन की पारी खेली. यह पिछली 11 पारियों में उनका सातवां शतक रहा. उनके यह शतक लिस्ट ए और फर्स्ट क्लास क्रिकेट में आए हैं. रिचर्ड न्गारवा (3) और ब्लेसिंग मुजरबानी (4) की तेज गेंदबाजी ने बांग्लादेश को दूसरी पारी में भी मौका नहीं दिया. 45 ओवर में सभी 10 विकेट गिर गए.
बांग्लादेश के 4 बल्लेबाज जा सके दहाई पार
मुश्फिकुर रहीम ने सबसे ज्यादा 34 रन बनाए. वहीं कप्तान नजमुल हुसैन शांतो ने 30 रन बनाए. महमूदुल हसन जॉय (22) और अमिते हसन (25) बाकी दो बल्लेबाज रहे जो दहाई के पार जा सके. बांग्लादेश की पहली पारी में तीन ही बल्लेबाजों ने दहाई का आंकड़ा पार किया था. शांतो इकलौते रहे जो दोनों पारियों में 10 रन से आगे गए. बांग्लादेश को यह हार ऐसे समय में नसीब हुई है जब उसने मई में ही पाकिस्तान को अपनी जमीन पर 2-0 से हराकर धमाका कर दिया था. लेकिन अब जिम्बाब्वे के सामने उसकी हेकड़ी निकल गई.
जिम्बाब्वे ने लगातार दूसरा टेस्ट पारी के अंतर से जीता
जिम्बाब्वे ने पहली बार लगातार दो टेस्ट पारी के अंतर से जीते हैं. बांग्लादेश पर जीत से पहले उसका आखिरी टेस्ट अफगानिस्तान के साथ था और वहां भी उसे पारी से ही जीत मिली थी. जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाजों ने इस मुकाबले में सभी 20 विकेट लिए. यह इस टीम के इतिहास में दूसरी बार ही हुआ है. इससे पहले 1992 में रावलपिंडी में पाकिस्तान के सामने सभी 20 विकेट जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाजों ने लिए थे.


