भारतीय सेना के जवान गुलवीर ने इस साल कॉमनवेल्थ गेम्स में मेडल जीतने के बाद 10,000 मीटर रेस में एशियन गेम्स में इतिहास रच दिया. गुलवीर सिंह अब भारत के लिए 10,000 मीटर में कॉमनवेल्थ गेम्स का सिल्वर और उसके बाद एशियन गेम्स में भी इसी स्पर्धा का सिल्वर मेडल जीतने वाले देश के पहले एथलीट बन गए हैं. गुलवीर ने जापान में संयम के साथ दौड़ लगाते हुए अपनी सहनशक्ति का बेजोड़ नमूना पेश किया और शुरू से लेकर अंत तक मेडल की रेस में टॉप पर बने रहे. गुलवीर ने 28:29.38 मिनट में 10 हजार मीटर की दौड़ पूरी करके देश को सिल्वर दिलाया, ये उनका एशियन गेम्स में दूसरा मेडल है.
गुलवीर ने दौड़ना क्यों शुरू किया?
गुलवीर अब भारत के लिए एशियन गेम्स की 10,000 मीटर स्पर्धा में कांस्य पदक के बाद सिल्वर मेडल जीतने वाले पहले एथलीट बन गए हैं. गुलवीर ने परिवार की आर्थिक स्थिति से निपटने के लिए दौड़ को चुना, ताकि वह भारतीय सेना में नौकरी पा सके. अपने गांव में आर्मी के लिए दौड़ लगाने वाले गुलवीर ने साल 2018 में स्पोर्ट्स कोटे से सेना को जॉइन किया. इसके बाद आर्मी में क्रॉस-कंट्री रनिंग करते हुए भारत के नेशनल कैंप तक आ पहुंचे. गुलवीर ने इसके बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा और जब भी ट्रैक पर उतरे, तो मेडल लेकर ही आए. गुलवीर ने साल 2023 के एशियन गेम्स में कांस्य पदक अपने नाम किया था.
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गुलवीर ने इस साल जीता तीसरा मेडल
साल 2026 में देश के जवान गुलवीर बेहतरीन फॉर्म में चल रहे हैं और उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान 10,000 मीटर स्पर्धा में सिल्वर, तो 5000 मीटर स्पर्धा का कांस्य पदक जीता था. इसके बाद अब एशियन गेम्स की 10,000 मीटर स्पर्धा में उन्होंने सिल्वर मेडल जीतकर इस साल का तीसरा पदक हासिल कर लिया है. अब गुलवीर 29 सितंबर को 5000 मीटर दौड़ में भी देश को मेडल दिलाना चाहेंगे. गुलवीर का पर्सनल बेस्ट 10,000 मीटर में 27:00.22 मिनट का है, जिससे वो डेढ़ मिनट के करीब एशियन गेम्स में स्लो रहे.




