जापान के आईची नागोया में भाग लेने के लिए भारतीय मुक्केबाज अब पूरी तरह से तैयार हैं. कॉमनवेल्थ गेम्स में 10 मेडल जीतने के बाद मुक्केबाज अब एशियन गेम्स में भी मेडल की झड़ी लगाना चाहेंगे. इसके लिए भारत के कुल 11 मुक्केबाज (6 पुरुष और 5 महिला) जापान में अपना दमखम दिखाएंगे. मगर इससे ठीक पहले बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीएफआई) ने बड़ा ऐलान करते हुए बताया कि जो भी मुक्केबाज एशियन गेम्स में मेडल जीतेगा, उसके लिए 2028 लॉस एंजिलिस ओलिंपिक के दरवाजे एक तरह से पूरी तरह खुल जाएंगे. बीएफआई ने मुक्केबाजों के ओलिंपिक तक जाने के रास्ते की पूरी जानकारी साझा कर दी है.
अगर किसी को नहीं मिला कोटा तो क्या होगा ?
वहीं वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में कोटा बाउट वाले मैच तक पहुँचने के बाद भी अगर कोई मुक्केबाज कोटा हासिल नहीं कर पाता है, इस स्थिति में उसको सीधा एशिया क्वालीफायर में खेलने का मौका मिलेगा, जो ओलिंपिक 2028 के लिए दूसरा क्वालीफाइंग इवेंट होगा. जबकि बाकी स्थान एलीट राष्ट्रीय शिविर में शामिल मुक्केबाजों के बीच रैंकिंग चयन ट्रायल के जरिए भरे जाएंगे. वहीं दूसरे क्वालीफाइंग इवेंट में भी जो एथलीट क्वालीफाई नहीं कर सकेंगे, वो फिर 2028 में ओलिंपिक से पहले हंगरी में होने वाले तीसरे क्वालीफाइंग इवेंट के जरिए खुद को ओलिंपिक में शामिल करने का आखिरी मौका पाएंगे. अगर तीसरे इवेंट में भी कोटा नहीं मिला तो फिर मुक्केबाज का ओलिंपिक खेलने का सपना धरा रह जाएगा.
रेस में वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर के दस्त के कारण कपड़े गंदे, आयोजकों ने माफी मांगी
एशियन गेम्स 2026 में जाने वाले पुरुष भारतीय मुक्केबाज :- जादुमणि सिंह (55 किग्रा), सचिन सिवाच (60 किग्रा), सुमित कुंडू (70 किग्रा), अंकुश (80 किग्रा), कपिल पोखरिया (90 किग्रा) और नरेंद्र बेरवाल (+90 किग्रा).




