बैन से मेडल तक का सफर! पति की कोचिंग में मनप्रीत कौर ने जानें कैसे Asian Games में रचा इतिहास ?

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गोला फेंक के दौरान मनप्रीत कौर
गोला फेंक के दौरान मनप्रीत कौर

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मनप्रीत कौर ने एशियन गेम्स 2026 में कांस्य पदक जीता

मनप्रीत ने महिलाओं की गोला फेंक स्पर्धा में मेडल जीता

जापान के आईची नागोया में होने वाले एशियन गेम्स 2026 में जब से एथलेटिक्स की प्रतियोगिताएं शुरू हुई हैं, उसके बाद से भारत की झोली में एक के बाद एक मेडल आते जा रहे हैं. भारत के स्टार एथलीट गुलवीर सिंह ने जहां 10,000 मीटर का सिल्वर मेडल अपने नाम किया, तो इस बीच भारत की अन्य महिला एथलीट मनप्रीत कौर ने इतिहास रच दिया. मनप्रीत ने एशियन गेम्स में एथलेटिक्स की गोला फेंक स्पर्धा का कांस्य पदक पहली बार हासिल किया और ऐसा करने वाली वो भारत की तीसरी महिला गोला फेंक एथलीट बन गईं. भारत के लिए पिछली बार साल 2023 में किरण बालियान ने गोला फेंक में कांस्य जीता था और उससे पहले 1951 में बारबरा वेबस्टर ने कांस्य पदक अपने नाम किया था.

मनप्रीत के दोनों भाई एथलीट, तो पति हैं कोच

मनप्रीत की स्पर्धा में गोल्ड मेडल चीन की गोंग जियायुआन (19.40 मीटर) ने और सिल्वर मेडल चीन की ही झांग लिनरू (18.14 मीटर) ने अपने नाम किया. जिसके बाद भारत की मनप्रीत तीसरे स्थान पर रहीं. मनप्रीत साल 2016 के रियो ओलिंपिक में भी भाग ले चुकी हैं और पिछले एक दशक के प्रयास के बाद जाकर उन्होंने एशियन गेम्स का अपना पहला मेडल जीता. पटियाला से आने वाली मनप्रीत का जन्म खेल से जुड़े परिवार में हुआ था. उनके बड़े भाई 100 मीटर स्प्रिंटर थे और दूसरे भाई डिस्कस थ्रोअर थे. बचपन से ही एथलेटिक्स से जुड़ी मनप्रीत ने अब अपने और परिवार के सपने को एशियन गेम्स में मेडल जीतकर साकार कर दिया है.

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4 साल का बैन झेलने के बाद भी मनप्रीत की धमाकेदार वापसी

मनप्रीत के पति करमजीत सिंह खुद एक गोला फेंक खिलाड़ी थे और उन्होंने अपनी पत्नी मनप्रीत को ट्रेन किया. करमजीत सिंह आगे चलकर मनप्रीत के पर्सनल कोच बने, लेकिन साल 2017 में जब उन्होंने 18.86 मीटर के साथ नेशनल रिकॉर्ड बनाया, तो वह डोप टेस्ट में फेल हो गई थीं. इसके चलते मनप्रीत को चार साल का बैन झेलना पड़ा और उनके पति ने मनप्रीत को फिर से अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार किया. 4 साल का बैन झेलने और मां बनने के बाद लोगों को लगने लगा था कि मनप्रीत का करियर समाप्त हो गया है, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. साल 2022 में 18.06 मीटर का थ्रो करके मनप्रीत ने अपने होने का सबूत दिया और अब एशियन गेम्स में मेडल जीतकर एक बार फिर से ओलिंपिक के लिए दावा पेश कर दिया है.