Asian Games: एशियन गेम्स 2026 में भारत के एथलीटों ने धमाल मचा रखा है. भारत ने पहली बार जहां पोल वॉल्ट में मेडल जीता, तो 41 साल बाद मैराथन में भी मेडल आया. अब महिलाओं की 400 मीटर दौड़ में प्राची चौधरी ने भी कमाल कर दिया. प्राची ने जैसे ही 400 मीटर दौड़ में कांस्य पदक अपने नाम किया, वह एशियन गेम्स 2026 में महिलाओं की इस स्पर्धा में मेडल जीतने के मामले में पीटी उषा के क्लब में आ गई हैं.
पीटी उषा ने जीता था गोल्ड
भारतीय ओलंपिक संघ की वर्तमान अध्यक्ष पीटी उषा ने 1986 के सियोल एशियन गेम्स में 400 मीटर महिलाओं की दौड़ को 52.16 सेकेंड में पूरा करने के साथ गोल्ड मेडल जीता था. जबकि इससे पहले कमलजीत संधू ने भी 1970 के एशियन गेम्स में 400 मीटर स्पर्धा का गोल्ड जीता था. इन दोनों के अलावा केएम बीनू (गोल्ड), मनजीत कौर (2006, सिल्वर) और हिमा दास (2018, सिल्वर) भी जीत चुकी हैं. जिस लिस्ट में कांस्य पदक के साथ अब प्राची का नाम भी जुड़ गया है.
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पंजाब यूनिवर्सिटी बनी प्राची का टर्निंग पॉइंट
प्राची उत्तर प्रदेश के सहारनपुर की रहने वाली हैं और उन्होंने जब पंजाब यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन करना शुरू किया, तो एथलेटिक्स की तरफ उनका ध्यान गया. प्राची की जिंदगी यहीं से खेलों की तरफ मुड़ी और उन्होंने एनएसएनआईएस पटियाला में ट्रेनिंग करते हुए 2024 पेरिस ओलंपिक तक का सफर तय किया. प्राची इससे पहले 2022 के एशियन गेम्स में 4 गुणा 400 मीटर रिले रेस का सिल्वर भी जीत चुकी हैं और यह उनका पहला व्यक्तिगत मेडल है. अब प्राची 400 मीटर में ओलंपिक का मेडल भी अपने नाम करना चाहेंगी.




