अस्मिता डे ने रचा इतिहास, जूडो में देश को दिलाया CWG के इतिहास का पहला गोल्ड मेडल

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Indian judoka Asmita Dey in this frame. (PTI)
Indian judoka Asmita Dey in this frame. (PTI)

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अस्मिता डे ने जूडो में भारत का पहला कॉमनवेल्थ गोल्ड जीता

48 किग्रा वर्ग के फाइनल में कनाडा की हेडी काच को हराया

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की अस्मिता डे ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की. अस्मिता ने देश को कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में जूडो का पहला गोल्ड मेडल दिलाया. इस तरह भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल का चौका भी लगा दिया. भारत का यह इस संस्करण में अब तक का चौथा गोल्ड मेडल है, जबकि जूडो खेल के इतिहास में कॉमनवेल्थ गेम्स का यह पहला भारतीय गोल्ड है. इससे पहले कोई भी भारतीय जूडोका कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल नहीं जीत सका था.

कौन हैं अस्मिता और कैसे बनीं जूडो की स्टार?

अस्मिता डे का जन्म त्रिपुरा के बेलोनिया में हुआ था. वह एक बेहद गरीब परिवार से हैं और उनके पिता साइकिल मैकेनिक की दुकान चलाते थे. अस्मिता ने आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद हार नहीं मानी और जूडो की मैट पर इतिहास रच दिया. साल 2022 में उन्होंने बैंकॉक में आयोजित एशियाई जूनियर जूडो चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता. इसके बाद अस्मिता ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. अब वह देश को जूडो में पहला कॉमनवेल्थ गोल्ड दिलाने वाली गोल्डन गर्ल बन गई हैं.

भारत के पास एक और गोल्ड का मौका

अस्मिता के अलावा भारत के पास जूडो में दूसरा गोल्ड जीतने का भी मौका है. मेंस जूडो में भारत के खिलाड़ी हर्ष सिंह ने 60 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के पेड्रो कार्लोस एंटुन नेटो को हराकर फाइनल में जगह बना ली है. अब अगर हर्ष भी फाइनल जीत जाते हैं, तो वह देश को मेंस जूडो में पहला कॉमनवेल्थ गोल्ड दिलाने वाले खिलाड़ी बन जाएंगे.

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