कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 31 जुलाई की रात भारतीय जूडो खिलाड़ियों ने दो गोल्ड और एक सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। वहीं, मुक्केबाज भी किसी से कम नहीं रहे। जैस्मीन लांबोरिया (57 किग्रा), प्रीति पवार (54 किग्रा), अंकुश पंघाल (80 किग्रा), अरुंधति चौधरी (महिला 70 किग्रा) और जादुमणि (55 किग्रा) ने पहले ही फाइनल में जगह बना ली थी. वहीं, इसके बाद देर रात साक्षी (51 किग्रा), प्रिया (60 किग्रा), स्टार मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन, सचिन (60kg), नरेंदर(90+kg) ने भी अपने-अपने सेमीफाइनल मुकाबले जीतकर फाइनल में कदम रख दिया. इस तरह भारत के दस में दस मुक्केबाजों ने सेमीफाइनल जीतकर फाइनल में जगह बना ली है.
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लवलीना का धमाल
साक्षी और प्रिया के बाद ओलंपिक मेडलिस्ट लवलीना ने भी सेमीफाइनल में बेहतरीन प्रदर्शन किया. लवलीना ने 75 किग्रा वेट कैटेगरी के सेमीफाइनल में तुवालु की टी.के.बी.पी. ताफाकी के खिलाफ 5-0 से शानदार जीत दर्ज की. इसके साथ ही वह भारत के लिए फाइनल में पहुंचने वाली आठवीं मुक्केबाज बन गईं. लवलीना का फाइनल में सामना अब ऑस्ट्रेलिया की एम्मा-सू ग्रीनट्री से होगा.
सचिन और नरेंदर ने दिखाया दम
लवलीना के बाद देर रात को अन्य मुक्केबाज सचिन ने भी जमकर मुक्के बरसाए. सचिन (60kg) ने वेल्स के ओ. हैरिस-एलन को 5-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई, इसके बाद नरेंदर ने भी अपने सामने रिंग में 90 प्लस किग्रा वेट कैटेगरी में टोबैगो के एन. पॉल को टिकने नहीं दिया. नरेंदर ने 5-0 से जीत हासिल की और वह भारत के लिए फाइनल में जाने वाले 10 में दसवें मुक्केबाज बनें. लवलीना सहित सभी भारतीय मुक्केबाजों के फाइनल मुकाबले 1 अगस्त को खेले जाएंगे. भारत के 10 मुक्केबाजों ने सेमीफाइनल में जगह बनाई थी और सभी अब गोल्ड मेडल की फाइट करने रिंग में उतरेंगे.




