CWG 2026 : कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के लिए भारत के कुल 10 मुक्केबाज मेडल जीतने के इरादे से ग्लासगो पहुंचे. भारत के सभी मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जगह बनाई और कम से कम सिल्वर मेडल पक्के कर लिए. इस बीच भारत के लिए प्रीति पवार, जैस्मिन, साक्षी, प्रिया के बाद अरुंधति ने भी गोल्ड मेडल जीता, जिससे भारत के खाते में बॉक्सिंग का पांचवां गोल्ड आया. लेकिन अंत में लवलीना अपना फाइनल हार गईं, जिससे सभी महिला मुक्केबाज गोल्ड मेडल पर कब्जा नहीं जमा सकीं और ओलिंपियन लवलीना को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा. इस तरह भारत की छह महिला मुक्केबाजों ने मिलकर कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की बॉक्सिंग स्पर्धा में पांच गोल्ड और एक सिल्वर मेडल जीतकर शानदार प्रदर्शन किया और इतिहास रच दिया.
लैंडमाइन ब्लास्ट में बचने वाले सोमन राणा ने जीता ऐतिहासिक गोल्ड
फाइनल में प्रिया का सामना कनाडा की मजबूत मुक्केबाज मारी-बाथौल अल-अहमदिया से हुआ, जहां उन्होंने 4-1 से शानदार जीत दर्ज कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया. इस तरह भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में महिलाओं की चारों बॉक्सिंग स्पर्धाओं में चारों गोल्ड मेडल जीत लिए. प्रिया के करियर का यह पहला कॉमनवेल्थ गेम्स गोल्ड मेडल भी रहा.
अरुंधति चौधरी ने भी जीता गोल्ड मेडल
प्रिया के बाद भारत की एक और बेटी अरुंधति चौधरी ने भी कमाल कर दिया. अरुंधति ने 70 किग्रा भार वर्ग के फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड की चैंटेल रीड को हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया. इसके साथ ही भारत के लिए स्पर्धा करने वाली पांचवीं महिला बॉक्सर ने फाइनल जीतकर देश को बॉक्सिंग का पांचवां गोल्ड मेडल दिलाया. अरुंधति ने फाइनल में एकतरफा अंदाज में 5-0 से जीत दर्ज की और पूरे मुकाबले में उनकी प्रतिद्वंद्वी उन्हें कोई चुनौती नहीं दे सकी. यह अरुंधत्ती रेड्डी के करियर का पहला कॉमनवेल्थ गेम्स गोल्ड मेडल भी है.




