आयरलैंड, इंग्लैंड और श्रीलंका के अहम दौरों के बाद टीम इंडिया के कप्तान व कोच की बीसीसीआई के साथ रिव्यू मीटिंग हुई. जिसमें टीम इंडिया के कप्तान शुभमन गिल, टी20 टीम इंडिया के कप्तान श्रेयस अय्यर, हेड कोच गंभीर और बीसीसीआई के तमाम अधिकारी मौजूद थे. लेकिन इन सबके बीच चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर मीटिंग में नहीं आए और ना ही वह वर्चुअल माध्यम से जुड़े. जिसके बाद से कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या अजीत अगरकर का अब टीम इंडिया के साथ काम खत्म हो गया है. इस तरह के बड़े सवाल का जवाब मीटिंग केबाद बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने देकर सब कुछ साफ कर दिया.
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अगरकर और बोर्ड के बीच क्या हुआ ?
मालूम हो कि अगरकर और बोर्ड के बीच इंग्लैंड दौरे के बाद से कुछ सही नजर नहीं आ रहा है. रोहित शर्मा जब इंग्लैंड दौरे पर तीन मैचों की वनडे सीरीज खेल रहे थे तो लॉर्ड्स में होने वाले आखिरी वनडे से पहले रोहित के रिटायरमेंट की खबर आग की तरह फ़ाइल गई. सब जगह चर्चा होने लगी कि सेलेक्टर्स ने रोहित को अल्टिमेटम दे दिया है और अब रोहित लॉर्ड्स वनडे के बाद टीम इंडिया के लिए नहीं खेलते नजर आएंगे. इस बीच बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने मीडिया के सामने आकर सभी तरह की अफवाहों का खंडन किया. जिसके बाद से माना जा रहा है कि सेलेक्टर्स और बोर्ड एक पेज पर नहीं है. सेलेक्टर्स जहां रोहित का मजबूत विकल्प तैयार करना चाहते हैं, वहीं बोर्ड रोहित के साथ बना हुआ है.
2027 के बाद अगरकर को मजबूरन छोड़ना होगा पद
अब बीसीसीआई और सलेक्टर्स के बीच होने वाली ये अनबन किस हद तक सही है या फिर किस हद तक ये सिर्फ अफवाह है. इसका जवाब यो आने वाले समय में सभी फैंस को मिल जाएगा. मगर अजीत अगरकर मीटिंग में नहीं आए तो जानकारी मिली कि वह शहर से बाहर हैं और ऐसी जगह पर हैं, जहां से ऑनलाइन भी नहीं जुड़ सके. इन सब चीजों से ये भी संकेत मिलता है कि क्या अगरकर का काम बतौर सेलेक्टर खत्म हो गया है या फिर वह साल 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक बने रह सकते हैं. क्योंकि बीसीसीआई की रूल बुक में एक सेलेक्टर अधिकतम चार साल तक ही पद पर रह सकता है. यानि अगरकर को ना चाहते हुय भी साल 2027 के बाद सलेक्टर के पद को छोड़ना होगा.




