भारतीय क्रिकेट की रन मशीन कहे जाने वाले विराट कोहली ने इतिहास रच दिया. वनडे क्रिकेट में सबसे तेज यानी 303 पारियों में 15 हजार और उससे अधिक रन बनाने वाले पहले खिलाड़ी बन गए हैं. कोहली ने 139 रन की पारी में फैंस को अपने नए तेवर से हैरान कर दिया. साल 2008 में वनडे डेब्यू करने वाले कोहली अभी तक इतनी तेज खेलते नजर नहीं आए थे, जितनी तेज उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ बल्लेबाजी का नजारा पेश किया. कोहली ने पहली बार वनडे क्रिकेट की अपनी किसी एक पारी में नौ छक्के बरसाए तो उनका अलग अंदाज देखने को मिला. कोहली ने अपनी पारी में नौ छक्के लगाए तो उसके बाद बड़ा राज खोलते हुए बताया कि कैसे खुद को उन्होंने अब बदल लिया है.
मैं अब काफी खुले विचार और आजादी से खेलने का लुत्फ उठा रहा हूं. मेरे हिसाब से यही एक चीज मेरे लिए काम कर रही है क्योंकि मैं मानसिक तौर पर काफी आजाद महसूस कर रहा हूं और इसके लिए अपने शरीर को भी काफी फिट रख रहा हूं. जिस तरह से क्रिकेट बदल रहा है, उस लेवल को पाने के लिए मुझे खुद के गेम को एक या दो लेवल और ऊपर लेकर जाना था. मैंने अपने गेम के गियर को बढ़ाया और करियर के इस रोमांचक मोड़ पर खुद को नए रूप में ढालना बेहद ही शानदार एहसास है. फिर चाहे वो भारत के लिए खेलना हो या फिर आईपीएल में.
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कोहली का 2.O अवतार
वेस्टइंडीज ने पहले खेलते हुए टीम इंडिया के सामने 295 रन का टोटल बनाया और उसे 300 के अंदर रोकने में कुलदीप यादव का योगदान काफी अहम रहा. कुलदीप यादव ने मैच में चार विकेट चटकाए तो उनको प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया. इसके जवाब में भारत के लिए शुभमन गिल ने 110 रन की पारी खेली तो विराट कोहली ने मैदान में आकर चौके के साथ अपना तूफानी तेवर भी दिखाया. कोहली ने वनडे करियर का 55वां शतक जमाने के साथ 88 गेंद में 10 चौके तो नौ छक्के बरसाकर 139 रन की 157.95 के स्ट्राइक रेट से तेज-तर्रार पारी खेली. जिसमें कोहली ने पहली बार वनडे क्रिकेट की अपनी एक पारी में नौ छक्के लगाए, जो इस बात का संकेत देते हैं कि रन मशीन कोहली अब आजादी के साथ वर्ल्ड कप 2027 को खेलते हुए उसे एन्जॉय करना चाहते हैं. यानी कोहली 2.0 भी अब फैंस को काफी रास आने वाला है. भारत और वेस्टइंडीज के बीच दूसरा वनडे 30 सितंबर को खेला जाएगा.




