FIFA WC : फीफा वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल मुकाबला अब 19 जुलाई को अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में खेला जाना है. न्यूयॉर्क के मेटलाइफ स्टेडियम में फाइनल होना है और इससे पहले मैदान की ग्रास यानी घास को लेकर बवाल मचा हुआ है. जिस मैदान की पिच को फ्रांस और ब्राजील के खिलाड़ियों ने सीमेंट जैसी सतह का तमगा दिया, फीफा ने उसी मैदान पर फाइनल तय कर रखा है, जबकि उसके पास सोफी स्टेडियम (लॉस एंजिलिस) और एटी एंड टी स्टेडियम (डलास) जैसे विकल्प भी थे. लेकिन इसके बावजूद विवादित घास और 82,500 फैंस की क्षमता वाले मैदान पर अब मेसी और यमाल खेलने उतरेंगे, तो इसकी पिच पर भी फैंस की नजरें रहने वाली हैं.
फाइनल मैदान की घास पर क्यों मचा बवाल?
फीफा वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल इस मैदान पर खेला जाना है, यह बात काफी पहले आधिकारिक हो चुकी थी. अमेरिका में इन दिनों मौसम गर्म होता है, इसलिए फीफा ने बरमूडा घास (एक एशियाई/अफ्रीकी घास, जो बरमूडा के जरिए अमेरिका पहुंची, इसलिए इसे बरमूडा घास कहा जाता है) मंगवाई. यह घास खास है, क्योंकि यह गर्म मौसम में बढ़ती है. जब इस घास को लगाया गया, उसके बाद अमेरिका में मौसम उम्मीद के मुताबिक गर्म नहीं रहा. इसके चलते घास अपनी रफ्तार के मुताबिक बढ़ नहीं सकी. जब फ्रांस और ब्राजील के खिलाड़ियों ने इस मैदान पर मैच खेला, तो उन्हें समस्याओं का सामना करना पड़ा. ब्राजील के विनीसियस जूनियर ने कहा कि इस पर गेंद काफी स्लो चलती है, जिससे हम अपने खेल में लय नहीं बना सके. वहीं, फ्रांस के मिडफील्डर एड्रियन राबियो ने इसे आर्टिफिशियल टर्फ बताया, जबकि उनके मैनेजर दिदिए देशां ने कहा कि इसके नीचे ऐसा लगता है जैसे सीमेंट बिछा हो.
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फीफा को कैसे मिला धोखा?
फीफा ने बाकी मैदानों में तो ठंडे मौसम में उगने वाली घास लगाई, लेकिन अमेरिका के मेटलाइफ स्टेडियम में गर्म मौसम वाली घास लगाई. इसके बाद मौसम उस तरह से गर्म नहीं रहा, जिससे घास को लेकर समस्या बनी रही. मगर अब फीफा का मानना है कि पर्याप्त समय मिलने के चलते घास पूरी तरह तैयार हो चुकी है और इस पर कोई समस्या नहीं आएगी. एलन फर्ग्यूसन ने कहा कि मेटलाइफ स्टेडियम की पिच को बेहतर बनाने के लिए उनकी टीम ने हर संभव प्रयास किया.




