मैग्नस कार्लसन को धूल चटाकर चुपचाप सो गया दिल्ली का 15 साल का लड़का, पिता को अगले द‍िन ऑनलाइन पता चला

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 वंदन अलंकार सवाई एक ऑनलाइन ब्लिट्ज़ टूर्नामेंट में मैग्नस कार्लसन को मात दी. (PC: Getty)
वंदन अलंकार सवाई एक ऑनलाइन ब्लिट्ज़ टूर्नामेंट में मैग्नस कार्लसन को मात दी. (PC: Getty)

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वंदन अलंकार सवाई एक ऑनलाइन ब्लिट्ज़ टूर्नामेंट में मैग्नस कार्लसन को मात दी.

वंदन ने कार्लसन को 50 चालों में हराया.

दिल्ली के 15 साल के शतरंज खिलाड़ी वंदन अलंकार सवाई ने एक ऑनलाइन ब्लिट्ज़ टूर्नामेंट में दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन को हराकर शानदार जीत हासिल की. ​​हालांकि अपने करियर की इस सबसे बड़ी जीत में से एक को वंदन ने बहुत शांति से लिया और तुरंत अपने माता-पिता या कोच को इसके बारे में नहीं बताया.टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार 2288 की FIDE क्लासिकल रेटिंग वाले 'कैंडिडेट मास्टर' वंदन ने 18 अगस्त को Chess.com के 'टाइटल्ड ट्यूजडे' इवेंट में 2823 रेटिंग वाले कार्लसन को 50 चालों में हराया.

हिस्सा लेने से हिचकिचा रहे थे वंदन

माधुरी ने कहा कि जब वंदन घर आए और बताया कि  उन्होंने टूर्नामेंट में हिस्सा लिया है, तब वह और उनके पति घर पर ही थे.उनके पति के पूछने पर ही वंदन ने बताया कि उन्होंने कार्लसन के खिलाफ खेला और जीत हासिल की. ​​वंदन इस इवेंट में हिस्सा लेने को लेकर हिचकिचा रहे थे और उन लोगों ने ही उन्हें खेलने के लिए मनाया.

वंदन के कोच गुरप्रीत पाल सिंह को भी अगले दिन तक इस उलटफेर के बारे में पता नहीं था. उन्हें अगले दिन वंदन के पिता से इस खेल के बारे में पता चला. उन्होंने बताया वंदन थोड़ा शांत स्वभाव के हैं और नपे-तुले शब्दों में जवाब देते हैं.कार्लसन का सामना करने के बाद वंदन ने दो और राउंड खेले और थकान की वजह से खेल खत्म करने से पहले अपने चार मैचों के सफर को तीन जीत और एक हार के साथ पूरा किया. 
 

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