भारतीय टेबल टेनिस खिलाड़ी मनिका बत्रा ने किसी तरह से तरजीह देने की मांग की बात को खारिज करते हुए बुधवार को धमकी दी है कि अगर उन्हें एशियन गेम्स से बाहर करने के ‘मनमाने फैसले’ के लिए सही स्पष्टीकरण नहीं दिया गया तो वह कानूनी कार्रवाई करेंगी. मनिका ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और खेल मंत्री मनसुख मांडविया से इस मामले में दखल देने की अपील की और कहा कि वह ‘चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता, निरंतरता और जवाबदेही की हकदार हैं.
कानूनी कार्रवाई का विकल्प
मनिका ने कहा कि अगर उन्हें टीम से बाहर रखने के कारण का संतोषजनक जवाब नहीं मिलता तो उनके पास कानूनी कार्रवाई करने का विकल्प भी है. कॉमनवेल्थ गेम्स की गोल्ड मेडलिस्ट और दो बार की ओलिंपियन ने कहा कि टीटीएफआई ने उन्हें टीम से बाहर रखने का ठोस कारण नहीं बताया है. वह अभी विश्व रैंकिंग में 51वें स्थान पर हैं. टेबल टेनिस में रैंकिंग हर सप्ताह अपडेट होती है. ऐसे में स्वाभाविक रूप से सवाल उठता है कि रैंकिंग का मूल्यांकन करते समय किस समयावधि पर विचार किया गया? क्या आकलन पिछले 12 महीनों, छह महीनों, पिछले दो महीनों या केवल एक सप्ताह की रैंकिंग के आधार पर किया गया था?
नेशनल टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं लेने के बारे में मनिका ने कहा कि फेडरेशन को उनके बिजी इंटरनेशनल शेड्यूल को ध्यान में रखना चाहिए था.
मनिका ने फेडरेशन की चयन समिति की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाए.


