भारत की अस्मिता डे ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शुक्रवार को वो कर दिखाया, जो इससे पहले कोई नहीं कर पाया. अस्मिता ने सालों का इंतजार खत्म करते हुए भारत को जूडो का पहला गोल्ड मेडल दिला दिया है. वो कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीतने वाली भारत की पहली जुडोका बन गई हैं. उन्होंने 48 किग्रा वेट वर्ग में खिताब जीता. उन्होंने फाइनल में कनाडा की हीडी काच को हराया. उन्होंने फाइनल में पिछड़ने के बाद जबरदस्त वापसी करते हुए खिताबी जीत दर्ज की.
अस्मिता का करियर
आर्थिक दिक्कतों के बावजूद उनके परिवार ने अस्मिता के खेल के सपने को पूरा करने के लिए जी जान लगा दी और दूसरी तरफ अस्मिता ने भी मेहनत करने में कोई कमी नहीं छोड़ी.साल 2022 में उन्होंने बैंकॉक में आयोजित एशियाई जूनियर जूडो चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीता था, जो त्रिपुरा के इतिहास में किसी भी एथलीट द्वारा जीता गया पहला इंटरनेशनल जूडो मेडल था. इसके बाद उन्होंने चीन के मकाऊ में आयोजित जूनियर एशिया कप जूडो चैंपियनशिप में बेहतरीन प्रदर्शन कर देश के लिए गोल्ड जीता था.2025 में मॉरोक्को में अफ्रीकन ओपन में भी अस्मिता ने 48 किलोग्राम वर्ग में गोल्ड मेडल हासिल किया था.
अस्मिता ने रोमांचक अंदाज में जीत दर्ज की. एक समय वह मुकाबले में पिछड़ गई थी और फिर उन्होंने स्कोर 1-1 से बराबर किया. निर्धारित समय तक स्कोर बराबर रहने के बाद भारतीय खिलाड़ी ने गोल्डन स्कोर हासिल कर भारत का सालों का इंतजार खत्म कर दिया.




