भारत के पैरा एथलीटों ने ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में इतिहास रच दिया. भारतीय पैरा एथलीटों ने सात मेडल जीतकर पिछले सभी गेम्स में जीते गए कुल मेडल्स की संख्या की बराबरी कर ली. 28 सदस्यों वाली भारतीय पैरा टीम ने अपने अभियान का समापन 3 गोल्ड, 2 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज समेत कुल सात मेडल के साथ किया.
पैरा एथलीट्स का दबदबा
ग्लास्गो में पैरा ट्रैक और फील्ड एथलीटों ने छह मेडल जीते, जिसमें 3 गोल्ड, 2 सिल्वर, 1 ब्रॉन्ज मेडल शामिल है, जबकि झंडू कुमार ने पैरा पावरलिफ्टिंग में एक और ब्रॉन्ज मेडल जीता. पैरा एथलेटिक्स टीम ने CWG में मेडल के लिए भारत के 20 साल के इंतज़ार को भी खत्म किया.ग्लास्गो से पहले पैरा एथलेटिक्स में पिछला मेडल 2006 के इवेंट में पुरुषों के सीटेड डिस्कस थ्रो इवेंट में रंजीत कुमार जयसीलन ने जीता था.
रिकॉर्ड्स की बारिश
ग्लास्गो में पैरा एथलेटिक्स में भारत के लिए तीन बार दो एथलीटों ने पोडियम पर जगह बनाई. महिलाओं के शॉट पुट F57 में शर्मिला (गोल्ड) और शिल्पा शायला (ब्रॉन्ज़), पुरुषों की 100 मीटर T47 रेस में दिलीप महादु गावित (गोल्ड) और मोहम्मद बासिल (सिल्वर) और पुरुषों के शॉट पुट F57 में सोमन राणा (गोल्ड) और शुभम जुयाल (सिल्वर) पोडियम तक पहुंचे. भारत के एथलीटों ने एक गेम्स रिकॉर्ड और एक एशियाई रिकॉर्ड भी बनाया.
मेडल जीतने वाले भारतीय पैरा एथलीट
गोल्ड
- शिल्पा शयला, महिलाओं का शॉट पुट F57




