घरेलू हिंसा का श‍िकार हुईं, आया का काम किया, अब 40 की उम्र में शर्मिला धनखड़ बनीं CWG में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय पैरा एथलीट

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शर्मिला धनखड़ ने शॉट-पुट F57 में गोल्ड मेडल जीता. (PC: X)
शर्मिला धनखड़ ने शॉट-पुट F57 में गोल्ड मेडल जीता. (PC: X)

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शर्मिला धनखड़ ने शॉट-पुट F57 में गोल्ड मेडल जीता.

वह कॉमनवेल्थ गेम्स में पैरा-एथलेटिक्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय बनीं.

उम्र सिर्फ एक नंबर है, इस बात को भारत की पैरा-एथलीट शर्मिला धनखड़ ने एक बार फिर साबित कर द‍िया. कॉमनवेल्थ गेम्स (CWG) 2026 में उन्होंने वो कर द‍िखाया, जो आज तक कोई भारतीय ख‍िलाड़ी नहीं कर पाया. 40 साल की उम्र में वह कॉमनवेल्थ गेम्स में पैरा-एथलेटिक्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय बनीं. यह उनके करियर की अब तक की सबसे बड़ी जीत मानी जा सकती है. शर्मिला ने महिलाओं के शॉट-पुट F57 फाइनल में 9.81 मीटर के अपने सीजन के सबसे अच्छे थ्रो के साथ जीत हासिल की और CWG में पैरा-एथलेटिक्स मेडल के लिए भारत के दो दशक लंबे इंतजार को भी खत्म किया.

घरेलू हिंसा का श‍िकार 


शर्मिला की जिंदगी का संघर्ष यही खत्म नहीं हुआ. उन्हें एक बुरे और हिंसक वैवाहिक जीवन का दर्दनाक अनुभव भी झेलना पड़ा.  Sportstar की र‍िपोर्ट के अनुसार 10वीं कक्षा की परीक्षा पूरी करने के तुरंत बाद ही उनकी शादी कर दी गई थी, मगर इसके बाद उन्हें घरेलू हिंसा झेलनी पड़ी. शर्मिला ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनके पति शराब पीते थे और नशीले पदार्थों का सेवन करते थे. वह खुद खेतों में काम करती थी और मवेशियों की देखभाल करती थी, लेकिन फिर भी गुजारा मुश्किल था. पहले तो पति ने शर्मिला को इसलिए पीटा क्योंकि वह उनकी मनचाही दहेज की मांग पूरी नहीं कर पाई थी. फिर इसलिए पीटा, क्योंकि उन्होंने दो बेटियों को जन्म दिया था.जब  26 साल की थी,तब शर्मिला के पति ने पड़ोसियों के सामने उनके कपड़े उतार दिए और उन्हें दोनों बेटियों के साथ घर से बाहर निकाल दिया. जिसके बाद उनके माता-पिता उन्हें वापस अपने घर ले गए. 

दूसरी शादी के बाद बदली जिंदगी 

इसके बाद शर्मिला ने अपने गांव के पास एक महिला अस्पताल में मेड, सफ़ाईकर्मी और गार्ड के तौर पर काम करना शुरू किया. फिर उनकी ज़िंदगी में एक नया मोड़ आया. जब 28 साल की उम्र में उनकी दूसरी शादी हुई. उनके पति अजीत सिंह उन्हें और उनकी बेटियों को रेवाड़ी ले गए. बाद में उन्होंने शर्मिला को पैरा-स्पोर्ट्स में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया और फिर शर्मिला ने जो इतिहास रचा, वो ग्लास्गो में पूरी दुनिया ने देखा.