CWG 2026 के बाद अब भारतीय एथलीटों के सामने अगली चुनौती, कॉमनवेल्थ की तुलना में एश‍ियन गेम्स क्यों हैं मुश्किल?

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भारत ने ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स में कुल 39 मेडल जीते. (PC: Getty)
भारत ने ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स में कुल 39 मेडल जीते. (PC: Getty)

Story Highlights:

भारत ने ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स में कुल 39 मेडल जीते.

जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक एशियन गेम्स होंगे.

भारत ने ग्लास्गो में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में चौथा स्थान हासिल किया और कुल 39 मेडल जीते, जिनमें 13 गोल्ड, 17 ​​सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज मेडल शामिल थे.देश को यह सफलता तब मिली, जब गेम्स के खेल काफी कम थे.रेसलिंग, शूटिंग, बैडमिंटन, हॉकी और टेबल टेनिस जैसे खेल शामिल नहीं थे, जिनमें भारत का प्रदर्शन हमेशा से शानदार रहा है. बॉक्सिंग में भारत का प्रदर्शन सबसे शानदार रहा और उसने सात गोल्ड मेडल जीते, जबकि एथलेटिक्स और वेटलिफ्टिंग में भी अच्छे नतीजे देखने को मिले.ऑस्ट्रेलिया 171 मेडल (70 गोल्ड) के साथ टॉप पर रहा,उसके बाद इंग्लैंड (110) और कनाडा (62) का नंबर रहा.भारत ने ज़्यादा सिल्वर मेडल जीतने की वजह से मेजबान स्कॉटलैंड को पीछे छोड़ते हुए चौथा स्थान हासिल किया. 


एश‍ियन गेम्स कड़ी चुनौती 

एशियन गेम्स को अक्सर कॉमनवेल्थ गेम्स के मुकाबले ज़्यादा मुश्किल चुनौती माना जाता है. इनमें चीन, जापान, साउथ कोरिया और दूसरे एशियन देशों से कई खेलों में कड़ी टक्कर मिलती है.भारतीय खिलाड़ियों को जल्द ही अपना ध्यान बदलना होगा और आगे आने वाली चुनौतियों के लिए तैयारी करनी होगी. 

1951 से शुरू हुए इस गेम्स में चीन, जापान, साउथ कोर‍िया जैसे कई देशों का दबदबा रहा है. चीन इन गेम्स के इतिहास में सबसे ज्यादा मेडल जीतने वाला देश है. चीन ने अभी तक 1674 गोल्ड, 1105 स‍िल्वर और 791 ब्रॉन्ज समेत कुल 3570 मेडल जीते हैं. जापना 1084 गोल्ड, 1104 सिल्वर, 1054 ब्रॉन्ज के साथ दूसरे नंबर पर, साउथ कोर‍िया 787 गोल्ड, 722 स‍िल्वर, 916 ब्रॉन्ज समेत 2425 मेडल के साथ तीसरे नंबर पर है. भारत ने इस गेम्स के इतिहास में अभी तक 183 गोल्ड, 239 सिल्वर और 357 ब्रॉन्ज समेत कुल 779 मेडल जीते हैं. इन आंकड़ों से इसका अंदाजा लगाया जा सकता है कि आख‍िर क्यों भारत के लिए एश‍ियम गेम्स सबसे मुश्किल होते हैं. 

एश‍ियन गेम्स के लिए भारत के दल में 35 खेलों के लगभग 600 खिलाड़ी शामिल हो सकते हैं, जिन्हें टॉप-6/टॉप-8 प्रदर्शन के कड़े चयन मानदंडों के आधार पर चुना जाएगा. नेशनल फेडरेशनल ने अलग-अलग खेलों की टीमों की घोषणा शुरू कर दी है और जल्द ही फाइनल दल की सूची जारी होने की उम्मीद है.