Sanju Samson : आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 वाली टीम इंडिया में जैसे ही संजू सैमसन को जगह नहीं मिली. उसके बाद सोशल मीडिया में फिर से जस्टिस फॉर संजू सैमसन की मुहीम शुरू हो गई. बीसीसीआई ने वनडे टीम इंडिया में केएल राहुल और ऋषभ पंत के रूप में दो विकेटकीपर चुने और संजू सैमसन इस रेस में पीछे रह गए. अब संजू सैमसन का सेलेक्शन टीम इंडिया में नहीं होने के पीछे विजय हजारे ट्रॉफी में उनका नहीं खेलना माना गया तो इस पर संजू के राज्य केरल क्रिकेट एसोसिएशन ने सफाई देते हुए अंदर की बात बताई.
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संजू सैमसन ने एक लाइन के मैसेज में क्या लिखा ?
दरअसल, संजू सैमसन ने सैय्यद मुश्ताक अली टी20 ट्रॉफी में केरल की कप्तानी का भार संभाला. जबकि इसके बाद 50-50 ओवर के फॉर्मेट वाली विजय हजारे ट्रॉफी में जब वह केरल के लिए नहीं खेले तो शायद बीसीसीआई को ये बात रास नहीं आई और इसके चलते ही संजू सैमसन को टीम इंडिया में जगह नहीं मिली. संजू सैमसन के विजय हजारे ट्रॉफी नहीं खेलने और उनके टीम इंडिया से बाहर होने पर केरल क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष जयेश जॉर्ज ने बताया कि उन्होंने (संजू सैमसन) सिर्फ एक लाइन का टेक्स्ट मैसेज किया कि वह विजय हजारे ट्रॉफी से पहले वायनाड़ में लगने वाले कैम्प का हिस्सा नहीं बन सकेंगे.
जयेश जॉर्ज ने आगे कहा,
मुझे इस बात पर यकीन नहीं है कि विजय हजारे ट्रॉफी नहीं खेलने की वजह से उनको बाहर किया गया है. उनको केरल की विजत हजारे ट्रॉफी में इसलिए शामिल नहीं गया क्योंकि उन्होंने सिर्फ एक लाइन का मैसेज भेजा था कि 30 सदस्यीय टीम के कैम्प के लिए वह उपलब्ध नहीं हैं. जबकि हम सभी को लग रहा था कि वह टीम की कप्तानी करेंगे. क्योंकि वह हमारे वाइट बॉल कप्तान है टी20 में उन्होंने कप्तानी की थी.
जयेश जॉर्ज ने संजू के विजय हजारे ट्रॉफी नहीं खेलने पर सफाई देते हुए कहा,
जब उन्होंने खुद को कैम्प के लिए उपलब्ध नहीं बताया था तो फिर हमने आगे बढ़कर टीम का ऐलान किया और उनका नाम बाहर रखा. टीम को देखते ही उनका मैसेज आया कि वह चयन के लिए उपलब्ध हैं. इसलिए चाहे संजू सैमसन हो या कोई और खिलाड़ी, केसीए के पास एक नीति है जिसका सम्मान किया जाना चाहिए. हम सभी जानते हैं कि संजू को टीम में आने के लिए किसी कैम्प की आवश्यकता नहीं है, लेकिन क्या केरल की टीम ऐसी है कि वह जब उसका मन करे आएगा और कप्तानी कर सकता है? सैमसन भारतीय टीम में कैसे पहुंचे, यह केवल केसीए के माध्यम से ही संभव हुआ. लेकिन इसका ये भी मतलब नहीं है कि आप केरल की टीम में मन के हिसाब से खेले.
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