जिनके बल्ले से सचिन ने लगाया पहला शतक उनकी 61 की उम्र में मौत, कहलाते थे मुंबई के विव रिचर्ड्स, शराब ने डुबोया करियर

Anil Gurav dies: सचिन तेंदुलकर के सीनियर रहे अनिल गुरव के देहांत 31 मार्च 2026 को हुआ. उनके बारे में कहा जाता था कि वे भारत के लिए खेलेंगे लेकिन शराब की आदत और गैंगस्टर भाई के चलते उनका करियर शुरू होने से पहले ही समाप्त हो गया.

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अनिल गुरव को आचरेकर के सबसे अच्छे शिष्यों में गिना जाता था.

अनिल गुरव अंडर 19 लेवल से आगे नहीं जा सके.

Anil Gurav Death News: रमाकांत आचरेकर के शिष्य और सचिन तेंदुलकर के सीनियर रहे अनिल गुरव का 31 मार्च 2026 को देहांत हो गया. वे 61 साल के थे. अपने खेलने के अंदाज से वे मुंबई के विवियन रिचर्ड्स कहलाते थे. उनके बारे में कहा जाता था कि वे भारत के लिए खेलेंगे और खूब नाम कमाएंगे. आचरेकर को भी अपने इस शिष्य पर काफी भरोसा था. लेकिन पारिवारिक समस्याओं और शराब की लत के चलते अनिल गुरव क्रिकेट में पैर तक नहीं जमा सके. वे अंडर 19 लेवल से आगे नहीं जा सके.

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गुरव को आचरेकर के सबसे अच्छे शिष्यों में गिना जाता था. लेकिन वे क्लब लेवल से आगे नहीं जा सके. एक समय उनसे बल्ला लेकर सचिन ने अपना प्रतिस्पर्धी शतक लगाया था. सचिन और विनोद कांबली से आचरेकर कहा करते थे कि वे जाकर गुरव की बैटिंग देखें और सीखें. मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन के काउंसिलर नदीम मेमन ने गुरव के बारे में पीटीआई से कहा, आचरेकर सर सचिन व बाकी खिलाड़ियों को गुरव की बैटिंग दिखाया करते थे. वह ऐसे खिलाड़ी थे जिनसे सीखा जा सकता था. वह आचरेकर सर के पसंदीदा चेलों में से थे.

गुरव को दोस्त बोलते थे मुंबई का विव रिचर्ड्स

 

मेमन ने आगे कहा कि दोस्त गुरव को मुंबई का विवियन रिचर्ड्स कहा करते थे. ऐसा सिर्फ न केवल उनके स्क्वेयर कट की वजह से था बल्कि वह लेग साइड में भी वैसे ही खेलते थे. सचिन गुरव को सर कहा करते थे. बाद में जब सचिन बड़ा नाम बन गए तब एक बार दोनों की मुलाकात हुई थी. तब सचिन ने उनसे घर आने को कहा था. गुरव वहां गए लेकिन सचिन नहीं मिल सके क्योंकि वे भारतीय टीम के साथ इंग्लैंड दौरे पर गए हुए थे. 

छोटे गैंगस्टर भाई और शराब ने खराब की जिंदगी

 

गुरव ने 2013 में दी इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए कहा था कि वे सचिन से अपना बल्ला वापस लेना चाहते थे. वही उनकी एकमात्र पूंजी रही. गुरव को छोटे भाई अजीत के चलते काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. उनका भाई गलत कामों में शामिल था और एक क्रिमिनल गैंग में शार्प शूटर था. इसके चलते कई बार घर पर पुलिस आती और वह अजीत का पता लगाने के लिए अनिल को पकड़ ले जाती थी. उनकी जेल में कई बार पिटाई हुई.

गुरव को इस बीच शराब की लत लग गई और वे क्रिकेट से दूर होते चले गए. उनका जीवन नालासोपारा में 200 स्क्वेयर फीट के घर में गुजरा. यहीं पर उन्होंने आखिरी सांस ली.

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