पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व टेस्ट कोच जेसन गिलेस्पी का कहना है पाकिस्तानी बोर्ड (पीसीबी) पर अभी तक उनके हजारों डॉलर्स बकाया हैं. वे दो साल पहले हट गए लेकिन उनका हिसाब अभी तक नहीं किया गया है. ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज जेसन गिलेस्पी अप्रैल से दिसंबर 2024 तक पाकिस्तान के टेस्ट कोच रहे थे. इस दौरान उन्होंने कुछ सीरीज में वनडे-टी20 टीम के साथ भी काम किया था. गिलेस्पी ने बताया कि पाकिस्तानी टीम के साथ उनका कार्यकाल कितना मुश्किल रहा है और किस वजह से कॉन्ट्रेक्ट पूरा होने से पहले वे हट गए.
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गिलेस्पी ने The Telegraph से बात करते हुए कहा कि पीसीबी ने अभी तक उनके पूरे पैसे नहीं चुकाए मगर वह गलत बातों पर भी हां में हां नहीं मिला सकते. उन्होंने कहा, 'पीसीबी पर अभी भी मेरे हजारों डॉलर्स बकाया हैं. लेकिन मैं कभी भी यस मैन नहीं बन सकता हूं. मैं अपने उसूलों से समझौता नहीं कर सकता. अपने पूरे करियर में मैं कभी ऐसा नहीं रहा और निश्चित तौर पर कभी बदलूंगा भी नहीं.'
गिलेस्पी का दावा- चुप रहता तो मिलते पैसे
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज ने दावा किया कि अपनी बात खुलकर कहने की वजह से उनकी नौकरी गई. वह चुप रहते तो उन्हें पैसे मिलते रहते और काम चलता रहता. लेकिन यह उनका सिद्धांत नहीं है. ऐसा करने पर वह बरसों से बनाई प्रतिष्ठा को गिरा देते. उन्होंने कहा कि उन्हें पता चल गया था कि कॉन्ट्रेक्ट पूरा होने से पहले ही उनकी नौकरी चली जाएगी.
51 साल के गिलेस्पी ऑस्ट्रेलिया के जबरदस्त गेंदबाजों में शुमार होते हैं. उन्होंने 71 टेस्ट खेले और 26.13 की औसत से 259 विकेट लिए. वहीं 97 वनडे में 142 विकेट निकाले.
गिलेस्पी बोले- मुझे नीचा दिखाया गया
गिलेस्पी ने कहा कि पाकिस्तान क्रिकेट में समस्या केवल मैदान पर प्रदर्शन की नहीं है. जिस तरह से वहां क्रिकेट और टीम को चलाया जाता है वह तरीका ही गलत है. उन्होंने कहा, 'मेरा पूरी तरह से अनादर किया गया और नीचा दिखाया गया. मैं यह बात आकिब जावेद के लिए कहता हूं. उस पूरे अनुभव ने मुझे हिला दिया और कोचिंग से दूर कर दिया. मुझे मानसिक तौर पर भी असर झेलना पड़ा और खुद पर शक हुआ. मैं यह सोचने लगा कि क्या खेल से जुड़े रहना चाहिए.'
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