भारत ए और न्यूजीलैंड ए के बीच क्राइस्टचर्च में खेले जा रहे दूसरे अनौपचारिक टेस्ट मैच में एक अजीब घटना घटी. एक स्कूटर सवार व्यक्ति की वजह से दिन के खेल को कुछ देर के लिए रोकना पड़ा. अजीब वजह से आई इस रुकावट को देखकर खिलाड़ी और कमेंटेटर हैरान रह गए और उनकी हंसी छूट पड़ी. यह घटना तब घटी, जब न्यूज़ीलैंड A के तेज़ गेंदबाज़ ब्रेट रैंडेल 83वां ओवर फेंकने की तैयारी कर रहे थे. इंडिया A के बल्लेबाज़ आकाश दीप ने रैंडेल को रुकने के लिए कहा, क्योंकि उन्होंने देखा कि मैदान पर साइट स्क्रीन के सामने एक व्यक्ति स्कूटर चलाता हुआ आ रहा है. इस वजह से रैंडेल को अपना रन-अप रोकना पड़ा. रैंडेल मुड़े, मगर उन्हें शायद उस समय समझ नहीं आ रहा था कि खेल में रुकावट क्यों आई है, लेकिन फिर स्थिति साफ हो गई. एक बुजुर्ग व्यक्ति अपने स्कूटर पर मैदान के बीच से जा रहे थे. शायद वे दिन के खेल के आखिरी कुछ ओवर देखने के लिए कोई सही जगह ढूंढ रहे थे.
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आकाश दीप ने यह सुनिश्चित किया कि जब तक वह व्यक्ति सुरक्षित रूप से पार न कर जाए, तब तक गेंदबाज इंतजार करे. इस वजह से खेल कुछ पल के लिए रुक गया. यह अनोखा नजारा देखकर भारतीय खिलाड़ी मुस्कुरा दिए और कमेंटेटरों ने भी इस घटना पर हंसी-मज़ाक किया. उन्होंने मज़ाक में उस व्यक्ति को बधाई दी कि उन्होंने मैच देखने के लिए सबसे बेहतरीन जगहों में से एक को चुन लिया है. हैगली ओवल में बाउंड्री के पार खुली हरी-भरी जगह है, जहां दर्शक बैठकर क्रिकेट का आनंद ले सकते हैं.
ऐसा पहली बार नहीं है कि किसी अजीब वजह से कोई क्रिकेट मैच रुका. इससे पहले भी कभी कार तो कभी खिलाने वाले सफेद बाघ तो कभी उड़ने वाली चीटियों की वजह से मैच रुका.
ग्रेवी जलने से लगी आग: जून 2007 में ओल्ड ट्रैफर्ड में केंट और लंकाशर के बीच एक चैंपियनशिप मैच तब रुक गया, जब ड्रेसिंग रूम में ग्रेवी का एक बर्तन जलने से लगी आग को बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मैदान पर आ गईं. ग्रेवी से निकले धुएं के कारण अलार्म बज गए, जिसके बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ियां वहां पहुंचीं और पैवेलियन को खाली करा लिया गया.
पिच पर घुसी कार: साल 2017 में रणजी ट्रॉफी में उत्तर प्रदेश के खिलाफ मैच के दौरान गौतम गंभीर, इशांत शर्मा, ऋषभ पंत और उनकी दिल्ली टीम के साथी खिलाड़ी एक बड़ी सुरक्षा चूक का शिकार होने से बाल-बाल बचे. पालम ग्राउंड्स पर एक युवक अपनी कार लेकर सीधे पिच पर आ गया. जब कार ने पिच पर अचानक मोड़ लिया तो गौतम गंभीर बड़ी मुश्किल से उसकी चपेट में आने से बचे. दिल्ली के रहने वाले गिरीश शर्मा ने एयर फोर्स स्टेडियम के गेट पर कोई गार्ड ना होने का फायदा उठाया और अपनी कार पूरी रफ्तार से स्टेडियम के अंदर ले जाकर सीधे खेल के मैदान में घुसा दी.
मधुमक्खियां का हमला: कुत्तों, सूअर आदि के कारण कई बार खेल रोके गए हैं. 2007 में कैंडी में इंग्लैंड और श्रीलंका के बीच एक टेस्ट मैच तब रोकना पड़ा, जब मैदान पर मधुमक्खियां आ गईं. तब अंपायर खुद को बचाने के लिए जमीन पर लेट गए और खिलाड़ियों ने भी ऐसा ही किया.
ग्रहण: 1980 में BCCI की गोल्डल जुबली मनाने के लिए भारत और इंग्लैंड के बीच एक टेस्ट मैच खेला गया, लेकिन पूर्ण सूर्य ग्रहण के कारण मुंबई में हो रहे इस मैच को एक दिन पहले खिसका दिया गया, जिससे तीसरे दिन की भरपाई हो गई, उस समय तीसरे दिन को 'रेस्ट डे' (आराम का दिन) कहा जाता था. ऐसा दर्शकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए किया गया था, क्योंकि BCCI नहीं चाहता था कि दर्शक ग्रहण के दौरान बाहर रहें.
खिलौने वाला सफेद बाघ: 2011 में रोज बाउल क्रिकेट ग्राउंड पर हैम्पशर का एक क्रिकेट मैच चल रहा था, तभी एक व्यक्ति ने मैदान के बगल वाले खेत में एक सफेद बाघ होने की सूचना दी. इसके बाद मैच को 20 मिनट के लिए रोक दिया गया. पुलिस के हेलीकॉप्टर से जांच करने पर पता चला कि वह 'बाघ' असल में एक खिलौना था.
उड़ने वाली चींटियों का हमला: साल 2024 में सेंचुरियन में साउथ अफ्रीका और भारत के बीच तीसरा T20I मैच लगभग 30 मिनट के लिए रोकना पड़ा, क्योंकि हवा में उड़ने वाली चींटियों का झुंड आ गया था, जिससे उनके खिलाड़ियों की आंखों में घुसने का खतरा पैदा हो गया था.
सूरज की रोशनी: 2019 में नेपियर में भारत और न्यूजीलैंड के बीच पहला वनडे मैच 30 मिनट से ज्यादा समय के लिए रोकना पड़ा, क्योंकि सूरज की रोशनी इतनी नीचे और तेज थी कि बल्लेबाजों के लिए गेंद को देख पाना नामुमकिन हो गया था.
जुरेल ने इंडिया A को मुश्किल से उबारा
दूसरे अनौपचारिक टेस्ट के पहले दिन खेल में आए एक अजीब रुकावट के बावजूद इंडिया A के कप्तान ध्रुव जुरेल ने शानदार नाबाद 99 रन बनाए और दूसरे दिन उन्होंने अपना शतक पूरा किया. जुरेल की 105 रन की पारी, देवदत्त पडिक्कल की 80 रन, आकाशदीप के 68 रन की बदौलत भारत ने 346 रन बनाए. जुरेल ने भारतीय पारी को संभाला. इंडिया A ने महज 7 रनों के भीतर 4 विकेट गंवा दिए थे और टीम 137 रन पर 5 विकेट के नुकसान पर आ गई थी. यश राठौड़, पडिक्कल और रविचंद्रन स्मरण एक के बाद एक आउट हो गए. वाशिंगटन सुंदर भी सस्ते में पवेलियन लौट गए, जिससे पारी को फिर से संभालने की जिम्मेदारी जुरेल पर आ गई थी.
कप्तान को मानव सुथार का साथ मिला और दोनों ने सातवें विकेट के लिए 62 रन जोड़े. सुथार 22 रन बनाकर आउट हुए, लेकिन आखिरी सेशन में जुरेल ने आक्रामक रुख अपनाया. उन्होंने मैके की गेंदों पर लगातार एक चौका, एक छक्का और फिर एक चौका जड़ा. उन्होंने दूसरे दिन अपना शतक पूरा किया. जुरेल के रूप में भारत ए को दूसरे दिन का पहला झटका लगा. उनके बाद सिराज आउट हो गए. आकाशदीप के रूप में भारत को आखिरी झटका लगा. आकाशदीप ने 68 रन बनाए. दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक न्यूजीलैंड ए ने 3 विकेट के नुकसान पर 218 रन बना लिए हैं.
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