एशेज में हार के बाद इंग्लैंड के कोच ब्रैंडन मैक्कलम को बताया 'जुआरी', पूर्व दिग्गज का फूटा गुस्सा

AUS vs ENG : ऑस्ट्रेलिया में खेली गई एशेज सीरीज 2025 में इंग्लैंड को 4-1 से करारी हार का सामना करना पड़ा. इस शर्मनाक प्रदर्शन के बाद इंग्लैंड टीम की रणनीति और कोच ब्रेंडन मैक्कलम की ‘बैजबॉल’ नीति पर सवाल उठने लगे हैं.

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England coach Brendon McCullum

ब्रैंडन मैकलम

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एशेज सीरीज 2025 में ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को 4-1 से हराया

जेफ्री बॉयकॉट ने कोच ब्रेंडन मैक्कलम को बताया “जुआरी”

ऑस्ट्रेलिया में खेली गई एशेज सीरीज में इंग्लैंड की टीम कड़ी टक्कर तक नहीं दे सकी. ऑस्ट्रेलिया ने पांच में से चार टेस्ट मैच जीतकर सीरीज 4-1 से अपने नाम कर ली, जबकि इंग्लैंड अपने ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर सिर्फ एक ही टेस्ट जीत सका. इसके बाद से इंग्लैंड टीम की हर तरफ आलोचना हो रही है. इसी कड़ी में पूर्व दिग्गज बल्लेबाज जेफ्री बॉयकॉट का गुस्सा भी फूट पड़ा और उन्होंने इंग्लैंड क्रिकेट टीम के कोच ब्रेंडन मैक्कलम को जुआरी तक कह दिया.

जेफ्री बॉयकॉट ने मैक्कलम पर साधा निशाना

इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर जेफ्री बॉयकॉट ने टेलीग्राफ में अपने कॉलम में इंग्लैंड के कोच ब्रेंडन मैक्कलम को लेकर लिखा,

सिर्फ मुझे ही नहीं, बल्कि हर किसी को मैक्कलम पसंद है. इंग्लैंड क्रिकेट के लिए वह ताज़ी हवा की तरह रहे हैं. लेकिन वह एक जुआरी हैं और सोचते हैं कि हमेशा अपना पैसा वापस पाकर जीत जाएंगे. यही कारण है कि आप अंत में कसीनो में हार जाते हैं. कई लोग अच्छी शुरुआत करते हैं, लेकिन अंत में रोते हुए निकलते हैं, क्योंकि उन्हें पता नहीं होता कि कब रुकना है और कब अपना तरीका बदलना है.

जेफ्री बॉयकॉट ने कोच और मैनेजमेंट को बताया बेवकूफ

जेफ्री बॉयकॉट ने आगे कहा,

इंग्लैंड के तीन समझदार लोग पूरी तरह बेवकूफ साबित हुए हैं. ब्रेंडन मैक्कलम, रॉब की और बेन स्टोक्स ने तीन साल तक फैंस को झूठ बेचा. मैक्कलम कहते हैं कि अपनी मर्जी से खेलो. जब आप अपनी मर्जी से खेलते रहेंगे तो सुधार कैसे करेंगे? खिलाड़ी को लगता है कि वह जो कर रहा है वही सही है. किसी को टीम से बाहर नहीं किया गया, इसलिए खिलाड़ी वही बेवकूफियां दोहराते रहते हैं. जब कोच और कप्तान को कोई दिक्कत नहीं है, तो खिलाड़ी खुद में सुधार क्यों करेगा? अगर रॉब की (इंग्लैंड के मैनेजिंग डायरेक्टर) मैक्कलम का समर्थन करते रहे, तो उनकी खुद की नौकरी भी खतरे में पड़ सकती है.

बैजबॉल पर उठे सवाल

इंग्लैंड टीम की बात करें तो साल 2022 में ब्रेंडन मैक्कलम को टीम का हेड कोच बनाया गया था. उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में तेज़ी से रन बनाने की एक नई रणनीति पेश की, जिसे बैजबॉल नाम दिया गया. इसके तहत इंग्लैंड ने हर हाल में आक्रामक क्रिकेट खेलने का तरीका अपनाया. हालांकि, यह रणनीति ज्यादा कारगर साबित नहीं हुई. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एशेज सीरीज में 1-4 से हार के बाद अब ब्रेंडन मैक्कलम को कोच पद से हटाने की मांग तेज हो गई है. इतना ही नहीं, साल 2024 में मैक्कलम को इंग्लैंड की लिमिटेड ओवर टीमों का भी कोच बनाया गया था, जिस पर अब सवाल खड़े हो रहे हैं.

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