एशियन गेम्स 2026 में भारतीय एथलीटों का जलवा जारी है. भारत के स्टार डेकाथलॉन एथलीट तेजस्विन शंकर और 200 मीटर महिला दौड़ में हरिता ने इतिहास रच दिया. तेजस्विन शंकर ने मेंस डेकाथलॉन में लगातार दूसरे एशियन गेम्स में मेडल जीता तो साल 2018 के बाद किसी भारतीय महिला एथलीट ने 200 मीटर दौड़ में कांस्य पदक हासिल किया. हरिता पिछले आठ साल में एशियन गेम्स की 200 मीटर दौड़ में मेडल जीतने वाली पहली, जबकि तेजस्विन शंकर एशियन गेम्स की डेकाथलॉन स्पर्धा में भारत के लिए दो मेडल जीतने वाले पहले खिलाड़ी बन गए हैं.
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तेजस्विन शंकर किन-किन ईवेंट्स में पहले स्थान पर रहे
तेजस्विन शंकर की बात करें तो पिछले एशियन गेम्स 2022 में उन्होंने सिल्वर मेडल अपने नाम किया था. इसके बाद शंकर का प्रदर्शन इस बार उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा और उनको सिल्वर नहीं बल्कि कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा. शंकर ने 100 मीटर दौड़ में पांचवां स्थान, लॉन्ग जंप (7.53 मीटर) में पहला स्थान, शॉट पुट (13.16 मीटर) में पांचवां, हाई जंप (2.18 मीटर) में पहला, 400 मीटर दौड़ में तीसरा स्थान और उसके बाद 110 मीटर हर्डल में तीसरा स्थान प्राप्त किया.
तेजस्विन शंकर ने कितने अंक अर्जित किए?
इन छह ईवेंट्स के बाद डिस्कस थ्रो (36.77 मीटर) में सातवां स्थान, जबकि पोल वॉल्ट (4.30 मीटर) में आठवां स्थान, जैवलिन थ्रो (53.37 मीटर) में पांचवां स्थान और अंत में 1500 मीटर की दौड़ में उन्होंने पहला स्थान प्राप्त किया. इन दस ईवेंट्स के पॉइंट्स मिलाकर शंकर ने कुल 7934 अंक अर्जित किए और तीसरे स्थान पर रहे. जबकि 8123 अंक के साथ जापान के यूमा पहले स्थान पर तो 8012 अंक के साथ चीन के चेन शिंगहुआ ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया.
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पीटी ऊषा के क्लब में शामिल हुईं हरिता भद्रा
वहीं तेजस्विन शंकर के अलावा भारत की अन्य महिला एथलीट हरिता ने महिलाओं की एशियन गेम्स की 200 मीटर दौड़ में कांस्य पदक अपने नाम किया. उनसे पहले साल 2018 में महिलाओं की 200 मीटर दौड़ में हिमा दास ने मेडल जीता था. जबकि पीटी ऊषा ने इस स्पर्धा का गोल्ड और सिल्वर दोनों मेडल जीत रखा है. ऊषा ने 1982 में 200 मीटर का सिल्वर तो 1986 में 200 मीटर दौड़ का गोल्ड मेडल अपने नाम किया था.
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