बिहार के सासाराम से आने वाले तेज गेंदबाज आकाश दीप अब किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं. बिहार से बंगाल और बंगाल से आईपीएल के रास्ते टेस्ट टीम इंडिया तक का सफर तय करने वाले आकाश दीप ने अपनी जिंदगी से जुड़ा एक बेहतरीन किस्सा इंडिया टुडे से शेयर किया. आकाश दीप शुरुआत में तेज गेंदबाज नहीं बनना चाहते थे, लेकिन जब उनको पता चला कि बैटिंग का किट बैग काफी महंगा आता है, तो आर्थिक तंगी के चलते गेंदबाज बनना सही समझा.
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आकाश दीप क्यों नहीं बन सके बैटर?
भारत के लिए 10 टेस्ट मैच खेलने वाले आकाश दीप ने खुद के तेज गेंदबाज बनने को लेकर इंडिया टुडे से बातचीत में कहा,
उस समय पैसे बिल्कुल नहीं थे. गांव में मैं बल्लेबाजी करता था और जब बाहर गया तो मुझे पता चला कि लेदर बॉल से बैटिंग के लिए किट बैग की जरूरत होती है, जो कि काफी महंगी आती है. बल्ला काफी महंगा होता है और पैड भी काफी महंगा आता है. इसलिए मैंने सोचा कि गेंदबाज बन जाता हूं, क्योंकि फिर किट बैग नहीं लेना होगा. इसमें फायदा ये होता था कि बल्लेबाज ही गेंद लेकर आता था और मुझसे कहता था कि गेंद फेंको. मैं गेंदबाजी करता था और बाद में मुझे जूस भी पिलाकर जाता था.
आकाश दीप अब हैं बिहार में डीएसपी
आकाश दीप ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने के बाद शायद पहली बार अपने गेंदबाज बनने के फैसले के पीछे की भावुक कहानी शेयर की. बिहार से आने वाले आकाश दीप के पिता टीचर थे और घर में काफी आर्थिक तंगी थी. आकाश दीप के पिता और भाई का एक ही साल में देहांत हो गया, तो वह बिहार से निकलकर बहन के घर दिल्ली आए और उन्होंने 20 से 21 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू किया. इसके बाद उन्होंने खुद को काफी तेजी से आगे लेकर गए और बंगाल के लिए रणजी डेब्यू करने के बाद आईपीएल और फिर टेस्ट टीम इंडिया तक आ गए. आकाश दीप अब बिहार में डीएसपी भी बन चुके हैं.
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आकाश दीप का करियर
29 साल के हो चुके आकाश दीप के करियर की बात करें तो उन्होंने भारत के लिए साल 2024 में टेस्ट डेब्यू किया. इसके बाद से लेकर अभी तक 10 टेस्ट मैचों में वह 28 विकेट अपने नाम कर चुके हैं. जबकि 49 फर्स्ट क्लास मैचों में उनके नाम 169 विकेट दर्ज हैं. इसके अलावा 35 लिस्ट ए मैचों में 48 विकेट और 53 टी20 मैचों में उनके नाम 59 विकेट दर्ज हैं. आकाश दीप अगर फिट हो जाते हैं, तो वह ऋषभ पंत की कप्तानी वाली रेस्ट ऑफ इंडिया की टीम से खेलते नजर आएंगे. ईरानी कप का ये फाइनल मुकाबला एक से पांच अक्टूबर तक श्रीनगर के मैदान पर खेला जाएगा.
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