SA vs AUS: साल 2018 में हुए सैंडपेपर कांड के आठ साल बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम एक बार फिर साउथ अफ्रीका दौरे पर आई. साउथ अफ्रीका दौरे पर ऑस्ट्रेलिया को तीन टेस्ट मैच खेलने हैं और इसके पहले मैच में कंगारुओं ने मजबूत पलटवार किया. डरबन के मैदान पर पहले दिन ऑस्ट्रेलिया के 124 रन के स्कोर तक छह विकेट गिर गए थे. लेकिन इसके बाद उनके लिए मैट रेनेशॉ ने नौ साल और 280 दिन के लंबे गैप के बाद टेस्ट शतक जड़ा. इस तरह का कारनामा करने वाले वह तीसरे बैटर बने. रेनेशॉ का साथ कप्तान कमिंस ने भी निभाया, जिससे ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 124 रन पर 6 विकेट खोने के बाद 390 रन का विशाल टोटल बना डाला. इस तरह टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में छठी बार ऐसा हुआ, जब किसी टीम ने 125 के अंदर 6 विकेट खोने के बाद इतना बड़ा टोटल बनाया. इसके जवाब में साउथ अफ्रीका ने दूसरे दिन के अंत तक एक विकेट पर 27 रन बनाए और उसकी टीम अभी भी 363 रन से पीछे है.
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निक मैडिसन की 10 साल बाद वापसी, नहीं बना सके एक भी रन
डरबन के मैदान पर ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया. लेकिन पहले दिन ऑस्ट्रेलियाई बैटर कुछ खास नहीं कर सके. ऑस्ट्रेलिया के लगातार अंतराल पर विकेट गिरते रहे और देखते ही देखते 124 रन तक छह बल्लेबाज पवेलियन जा चुके थे. इसमें 10 साल बाद टेस्ट क्रिकेट में वापसी करने वाले निक मैडिसन ने 33 गेंदें खेलीं, लेकिन बिना खाता खोले शून्य पर आउट हो गए. इस तरह वह ऑस्ट्रेलिया के लिए सबसे अधिक गेंदें खेलकर बिना रन बनाए आउट होने वाले पहले ओपनर बने, जबकि टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में ऐसा करने वाले तीसरे ओपनर बने.
टेस्ट में बिना रन बनाए सर्वाधिक गेंदें खेलकर आउट होने वाले सलामी बल्लेबाज
| बल्लेबाज | गेंदें | विरोधी टीम | मैदान | साल |
|---|---|---|---|---|
| डैरिन मरे (न्यूजीलैंड) | 39 | श्रीलंका | डुनेडिन | 1995 |
| ट्रेवर ग्रिपर (जिम्बाब्वे) | 36 | वेस्टइंडीज | किंग्स्टन | 2000 |
| निक मैडिसन (ऑस्ट्रेलिया) | 33 | दक्षिण अफ्रीका | डरबन | 2026 |
ऑस्ट्रेलिया के 124 रन पर गिर गए 6 विकेट
निक के अलावा हेड ने नौ रन बनाए, तो पिछले काफी समय से आउट ऑफ फॉर्म चल रहे मार्नस लाबुशेन ने 37 रन बनाए. वहीं, एलेक्स कैरी ने 14 और स्टीव स्मिथ ने 25 रन बनाए. इन सबके अलावा ब्यू वेबस्टर सिर्फ चार रन बना सके. इसके बाद पैट कमिंस और मैट रेनेशॉ ने मोर्चा संभाला. ये दोनों पहले दिन के अंत तक नाबाद रहे और ऑस्ट्रेलिया ने पहले दिन की समाप्ति तक छह विकेट पर 187 रन बना लिए थे. इसमें रेनेशॉ 46 और कमिंस 33 रन बनाकर नाबाद थे.
रेनेशॉ ने 9 साल के लंबे गैप के बाद जड़ा शतक
दूसरे दिन कमिंस और रेनेशॉ फिर से मैदान पर आए, तो दोनों ने सधी हुई बल्लेबाजी का नजारा पेश किया. कमिंस जब 98 गेंदों में छह चौकों की मदद से 43 रन बना चुके थे, तो उसके बाद वियान मुल्डर ने उनका शिकार कर दिया. इस तरह सातवें विकेट के लिए 86 रन की साझेदारी का अंत हो गया. इसके बाद छह रन बनाकर मिचेल स्टार्क चलते बने, तो नाथन लियोन ने बल्ले से रेनेशॉ का साथ निभाया. रेनेशॉ ने 204 गेंदों में 10 चौकों की मदद से टेस्ट क्रिकेट में अपने करियर का दूसरा शतक जड़ा. उनका पहला शतक नौ साल पहले आया था. इस तरह टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में दो शतकों के बीच सबसे लंबे गैप के मामले में वह तीसरे स्थान पर रहे. 13 साल और 346 दिन के गैप के बाद ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर वॉरेन बार्डस्ली ने अपना दूसरा टेस्ट शतक जड़ा था.
| खिलाड़ी का नाम | शतकों के बीच का अंतराल | समयावधि | |
|---|---|---|---|
| 1 | वॉरेन बार्डस्ली | 13 साल और 346 दिन (5,097 दिन) | 1912 से 1926 |
| 2 | बॉब सिम्पसन | 10 साल और 1 दिन (3,653 दिन) | 1968 से 1978 |
| 3 | मैथ्यू रेनशॉ | 9 साल और 280 दिन (3,567 दिन) | 2017 से 2026 |
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लियोन और रेनेशॉ ने रचा इतिहास
कमिंस के आउट होने और रेनेशॉ के शतक के बाद लियोन ने भी मोर्चा संभाले रखा. इन दोनों के बीच नौवें विकेट के लिए 134 रन की साझेदारी हुई, जो ऑस्ट्रेलिया के टेस्ट क्रिकेट इतिहास में नौवें विकेट के लिए तीसरी सबसे बड़ी साझेदारी बनी. इस मामले में इन दोनों ने जेसन गिलेस्पी और स्टीव वॉ को पछाड़ दिया. रेनेशॉ हालांकि शतक के बाद भी नहीं रुके, लेकिन वह दोहरे शतक से चूक गए.
टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया की सबसे बड़ी 9वें या उससे कम विकेट की साझेदारियां
163 रन – एश्टन एगर, फिल ह्यूजेस बनाम इंग्लैंड, नॉटिंघम, 2013
154 रन – जे. ब्लैकहम, एस. ग्रेगरी बनाम इंग्लैंड, सिडनी, 1894
134 रन – नाथन लियोन, मैट रेनेशॉ बनाम साउथ अफ्रीका, डरबन, 2026*
133 रन – जे. गिलेस्पी, स्टीव वॉ बनाम भारत, कोलकाता, 2001
दोहरे शतक से चूक गए रेनेशॉ
रेनेशॉ जब दोहरे शतक से सिर्फ 10 रन दूर थे, तभी स्पिनर सिमोन हार्मर ने उनका शिकार किया. रेनेशॉ 397 गेंदों में 21 चौकों और एक छक्के की मदद से 190 रन बनाकर आउट हो गए. इसके साथ ही ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी 390 रन पर समाप्त हो गई. लियोन ने 92 गेंदों में पांच चौकों की मदद से 27 रन बनाए. इस तरह ऑस्ट्रेलिया ने टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में छठी बार 125 रन या उससे कम के स्कोर पर छह विकेट गिरने के बाद 390 या उससे अधिक का टोटल बनाया.
125 से कम रन पर 6 विकेट गिरने के बाद सबसे बड़े इनिंग टोटल
561 – पाकिस्तान बनाम न्यूजीलैंड, लाहौर, 1955 (6/111 से)
489 – ऑस्ट्रेलिया बनाम इंग्लैंड, एडिलेड, 1925 (6/119 से)
446 – इंग्लैंड बनाम पाकिस्तान, लॉर्ड्स, 2010 (7/102 से)
415 – वेस्टइंडीज बनाम इंग्लैंड, ब्रिजटाउन, 2019 (6/120 से)
391 – न्यूजीलैंड बनाम भारत, ऑकलैंड, 1990 (6/85 से)
390 – ऑस्ट्रेलिया बनाम साउथ अफ्रीका, डरबन, 2026 (6/124 से)
साउथ अफ्रीका ने दूसरे दिन के अंत तक कितने रन बनाए?
ऑस्ट्रेलियाई टीम ने 390 रन का टोटल बनाकर अपनी स्थिति मजबूत कर ली. वहीं, साउथ अफ्रीका के लिए पहली पारी में सबसे अधिक चार विकेट वियान मुल्डर ने झटके और तीन विकेट मार्को यानसन के नाम रहे. इसके जवाब में साउथ अफ्रीका की शुरुआत अच्छी नहीं रही और जोश हेजलवुड का पहला शिकार रयान रिकलटन बने. रिकलटन तीन गेंदों में बिना खाता खोले चलते बने, तो फिर ऐडन मार्करम और डेविड बेडिंगहम ने दूसरे दिन के अंत तक कोई और विकेट नहीं गिरने दिया. मार्करम 15 रन, तो डेविड बेडिंगहम 12 रन बनाकर नाबाद रहे. अब ऑस्ट्रेलिया के धाकड़ तेज गेंदबाज मैच में साउथ अफ्रीका की पहली पारी जल्द से जल्द समेटकर उसे और बैकफुट पर धकेलना चाहेंगे.
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