रमेश पोवार को ही क्यों मिली टीम इंडिया की सेलेक्शन कमेटी में जगह? वसीम जाफर के नाम पर क्यों नहीं लगी मुहर? जानें 3 बड़े कारण

बीसीसीआई ने टीम इंडिया की सीनियर सेलेक्शन कमेटी में रमेश पोवार को शामिल किया है. अजीत अगरकर के कार्यकाल के बाद खाली हुई वेस्ट जोन की जगह के लिए कई पूर्व खिलाड़ियों ने आवेदन किया था, लेकिन पोवार ने बाजी मार ली.

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Ramesh Powar of India

रमेश पोवार

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बीसीसीआई ने रमेश पोवार को टीम इंडिया की सेलेक्शन कमेटी में शामिल किया

वसीम जाफर समेत कई पूर्व खिलाड़ियों ने सेलेक्टर पद के लिए आवेदन किया था

अजीत अगरकर का कार्यकाल पूरा होने के बाद बीसीसीआई ने अब टीम इंडिया की सेलेक्शन कमेटी में रमेश पोवार को शामिल किया है. वेस्ट जोन से खाली होने वाली अजीत अगरकर की कुर्सी के लिए बीसीसीआई ने कुछ समय पहले ही पूर्व खिलाड़ियों से आवेदन मांगे थे. इसमें कुछ खिलाड़ियों को शॉर्टलिस्ट करके उनका इंटरव्यू हुआ और बाद में रमेश पोवार के नाम पर आधिकारिक मुहर लग गई. अब पोवार टीम इंडिया की सेलेक्शन कमेटी में तो आ गए, लेकिन चीफ सेलेक्टर यानी अजीत अगरकर की कुर्सी प्रज्ञान ओझा को मिल चुकी है. जबकि वेस्ट जोन से ही आने वाले भारत के अन्य पूर्व खिलाड़ी वसीम जाफर सेलेक्टर नहीं बन सके, तो तीन ऐसे बड़े कारण सामने आए हैं, जो बताते हैं कि बोर्ड ने रमेश पोवार को ही अगरकर की खाली पड़ी जगह के लिए क्यों चुना.

वसीम जाफर क्यों नहीं बन सके सेलेक्शन कमेटी का हिस्सा?

टीम इंडिया के सेलेक्शन पैनल में हर एक जोन से एक सेलेक्टर होता है. साउथ जोन से प्रज्ञान ओझा आते हैं, सेंट्रल जोन से आरपी सिंह को चुना गया है, जबकि नॉर्थ जोन से अजय रात्रा तो ईस्ट जोन से शिव सुंदर दास को चुना गया है. इन चारों के अलावा वेस्ट जोन से अजीत अगरकर शामिल थे. लेकिन अगरकर जब चले गए, तो अगला सेलेक्टर वेस्ट जोन से ही आना था और इसके लिए तमाम खिलाड़ियों ने अप्लाई किया. इसमें भारत के लिए 31 टेस्ट मैच खेल चुके वसीम जाफर का नाम भी शामिल था.

माना जा रहा है कि अगर जाफर का सेलेक्शन होता, तो फिर बीसीसीआई के नियम के मुताबिक प्रज्ञान ओझा चीफ सेलेक्टर नहीं बन पाते और जाफर को यह पद मिलता. जबकि बोर्ड पहले ही ओझा को प्रमोशन देकर चीफ सेलेक्टर अगरकर की जगह बनाने का मन बना चुका था. इसके चलते जाफर के अनुभव को साइड में रखते हुए पोवार के नाम पर मुहर लगी, क्योंकि पोवार ने भारत के लिए सिर्फ दो टेस्ट खेले हैं, जबकि ओझा के नाम 24 टेस्ट दर्ज हैं. बीसीसीआई का नियम यह कहता है कि सेलेक्शन पैनल में शामिल सभी सेलेक्टर्स में जिस खिलाड़ी ने सबसे अधिक टेस्ट मैच खेले होंगे, वही मुखिया होगा. अब बोर्ड ओझा को पहले ही अगरकर की जगह अंतरिम चीफ सेलेक्टर बना चुका था, तो पोवार के आने से वह आधिकारिक तौर पर चीफ सेलेक्टर बन गए हैं.

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रमेश पोवार को चुनने का कारण नंबर 2

रमेश पोवार की बात करें, तो वह बीते कई सालों से बीसीसीआई के लिए काम कर रहे हैं और महिला टीम इंडिया के हेड कोच भी रह चुके हैं. पोवार ने भारत के लिए दो टेस्ट मैच और 31 वनडे खेले हैं. जबकि मुंबई की तरफ से घरेलू क्रिकेट खेलते हुए उनके नाम 148 फर्स्ट क्लास मैच दर्ज हैं. इसमें पोवार ने 470 विकेट हासिल किए, तो 4245 रन भी बनाए हैं. वहीं, 31 वनडे में उनके नाम 34 विकेट, तो दो टेस्ट मैचों में छह विकेट दर्ज हैं.

ऑफ स्पिनर पोवार के पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के साथ-साथ कोचिंग का भी अच्छा-खासा अनुभव है, जो उन्हें और खास बनाता है. पोवार के अंडर महिला टीम इंडिया ने एशिया कप और उसके बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 का सिल्वर मेडल अपने नाम किया था. इसके अलावा घरेलू क्रिकेट में वह मुंबई और गुजरात जैसी टीमों के हेड कोच भी रह चुके हैं. इतना ही नहीं, बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में पोवार बतौर गेंदबाजी कोच भी अच्छा-खासा काम कर चुके हैं. इस तरह पोवार के पास सिर्फ क्रिकेट खेलने का नहीं, बल्कि उसे सिखाने का भी अनुभव है, जो खिलाड़ियों के सेलेक्शन में भी काफी काम आने वाला है.

रमेश पोवार को चुनने का कारण नंबर 3

रमेश पोवार का माइंडसेट सेलेक्शन पैनल में शामिल चीफ सेलेक्टर प्रज्ञान ओझा से काफी मेल खाता है. दोनों के बीच ताल्लुकात काफी अच्छे हैं. जब ओझा ने टीम इंडिया के लिए साल 2008-09 में बतौर स्पिनर डेब्यू किया था, उस समय पोवार टीम इंडिया में बने हुए थे. इन दोनों ने मिलकर टीम इंडिया के लिए मैच खेले. जबकि आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में भी ये दोनों खिलाड़ी काफी समय तक खेले. वहीं, क्रिकेट से रिटायरमेंट के बाद बीसीसीआई के तमाम प्रोजेक्ट्स में भी रहे.

पोवार ने जहां राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (अब सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) में काम किया, तो ओझा गवर्निंग काउंसिल और सेलेक्शन पैनल में शामिल रहे. इस तरह ये दोनों खिलाड़ी प्रशासनिक और क्रिकेट मैनेजमेंट के दौरान भी काफी समय तक साथ रहे. बीसीसीआई की क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) ने मुंबई में जब पोवार का इंटरव्यू किया, तो पाया कि पोवार का विजन और आधुनिक क्रिकेट की समझ वर्तमान में टीम इंडिया के थिंक टैंक से काफी मेल खाती है. यही कारण है कि उनके नाम की एकतरफा सिफारिश की गई थी.

रमेश पोवार ने किसको-किसको पछाड़ा?

टीम इंडिया का सेलेक्टर बनने के लिए तमाम खिलाड़ियों ने इंटरव्यू दिए, लेकिन चार शॉर्टलिस्ट किए गए नाम सामने आए, जिन्हें पछाड़कर रमेश पोवार ने बाजी मार ली. रमेश के अलावा सेलेक्शन पैनल का हिस्सा बनने के लिए वसीम जाफर, मुंबई के पूर्व तेज गेंदबाज सलिल अंकोला, बड़ौदा के कोनोर विलियम्स और जैकब मार्टिन ने भी अप्लाई किया था.

जाफर को चीफ सेलेक्टर बनाना पड़ता, शायद इस वजह से उन्हें नहीं चुना गया. वहीं, अंकोला पहले भी सेलेक्टर के पद पर काम कर चुके हैं. विलियम्स भारत के लिए कभी भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेल सके, शायद इसलिए उनका नाम नहीं चुना गया. अंत में जैकब मार्टिन का नाम आता है. मार्टिन भारत के लिए एक भी टेस्ट नहीं खेले, बल्कि सिर्फ 10 वनडे ही उनके नाम दर्ज हैं. उनके कम अनुभव को देखते हुए शायद उन्हें वेस्ट जोन का सेलेक्टर बनने से दूर रखा गया.

भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य चयनकर्ता (2002 से 2026 तक)

मुख्य चयनकर्ता का नाम कार्यकाल (साल)
सैयद किरमानी 2002–2004
किरण मोरे 2004–2006
दिलीप वेंगसकर 2006–2008
कृष्णमाचारी श्रीकांत 2008–2012
संदीप पाटिल 2012–2016
एम एसके प्रसाद 2016–2020
सुनील जोशी 2020
चेतन शर्मा 2020–2023
शिव सुंदर दास (अंतरिम) 2023
अजीत अगरकर 2023 – सितंबर 2026
प्रज्ञान ओझा अक्टूबर 2026 से

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