फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल से पहले पूरी दुनिया के फैंस की जुबां पर एक ही नाम मेसी, मेसी, मेसी... छाया हुआ है. हर एक फुटबॉल प्रेमी बस मेसी को ट्रॉफी के साथ विदाई लेते देखना चाहते हैं. लेकिन मेसी के सामने एक ऐसा सितारा भी है, जो इस फाइनल में करिश्माई खेल से अगला मेसी बनने की सीढ़ी चढ़ना चाहेगा. 39 साल की उम्र में अर्जेंटीना के लिए लियोनेल मेसी का वर्ल्ड कप में यह आखिरी मैच हो सकता है, तो स्पेन के 19 साल के स्टार लामिन यमाल वर्ल्ड कप फाइनल जीतकर शंखनाद करना चाहेंगे. जिससे भविष्य में जो आज मेसी, मेसी का गुणगान कर रहे हैं, वो यमाल, यमाल के नारे लगाते नजर आ सकते हैं. ऐसे में चलिए जानते हैं कि कैसे स्पेन में निचले तबके से निकलकर यह खिलाड़ी आज मेसी के सामने आ खड़ा हुआ और उसके नाम लामिन यमाल का कर्ज से क्या कनेक्शन है.
ADVERTISEMENT
बेहद गरीब परिवार में पैदा हुए थे यमाल
स्पेन के बार्सिलोना यानी कैटेलोनिया स्थित मातरो शहर के रोकोफोंडा के प्रवासी इलाके में यमाल का जन्म हुआ. यमाल बेहद ही गरीब परिवार में पैदा हुए और उस समय उनकी मां की उम्र सिर्फ 16 साल थी. यमाल के पिता मुनिर नस्राउई मोरक्को से आकर स्पेन में रह रहे थे. उनके पिता आर्थिक संकट से जूझ रहे थे और इसी बीच यमाल का जन्म हुआ. जिसके चलते प्रवासी समुदाय में ही रहने वाले उनके पिता के दो दोस्त फरिश्ते बनकर सामने आए. इन दोस्तों में एक का नाम लामिन और दूसरे का नाम यमाल था. इन दोनों ने मिलकर यमाल के पिता मुनिर नस्राउई और मां शीला एबेना (इक्वेटोरियल गिनी की मूल निवासी) की मदद की. इन दोनों दोस्तों के एहसान या कर्ज के प्रति समर्थन जताने के चलते उस बच्चे का नाम दोस्तों के नाम पर लामिन यमाल रख दिया गया. जबकि लामिन यमाल का पूरा नाम लामिन यमाल नस्राउई एबेना है. हालांकि ये दोनों दोस्त आज तक कभी भी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं.
5 महीने की उम्र में मेसी ने गोद में उठाया
लामिन यमाल पैदा तो गरीब परिवार में हुए थे, लेकिन किस्मत को वो शुरुआत से ही अपने साथ लेकर आए थे. सिर्फ पाँच महीने की उम्र के लामिन यमाल को अब उनके सामने फाइनल खेलने वाले लियोनेल मेसी ने गोद में उठाया था. वह यूएन के एक चैरिटी कार्यक्रम का हिस्सा थे, जिसमें यमाल सिर्फ पाँच महीने के हैं और मेसी उन्हें गोद में लिए नजर आ रहे हैं. इस तस्वीर की चर्चा पूरी दुनिया में है. क्योंकि जिस बच्चे को मेसी ने गोद लिया था, अब वही उनके सामने फाइनल खेलता नजर आने वाला है.
मेसी का गोल्डन बूट दांव पर, एमबाप्पे से जीतने के लिए अब क्या करना होगा ?
मेसी वाली अकादमी से ही निकले यमाल
लियोनेल मेसी ने स्पेन के बार्सिलोना स्थित जिस ला मासिया अकादमी को 13 साल की उम्र में जॉइन किया था, उसी अकादमी में लामिन यमाल सिर्फ 12 साल की उम्र में आ गए और उन्होंने उसके बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा. मेसी वाली अकादमी में ही यह खिलाड़ी स्टार बना और बार्सिलोना के लिए काफी कम उम्र में ही ला लीगा खिताब जीता. इतना ही नहीं, साल 2024 में स्पेन की टीम से यूरो कप जीतकर यूरोपियन चैंपियन का तमगा भी हासिल किया. साल 2025 में लगभग 4 करोड़ यूरो प्रति साल (टैक्स से पहले) का बार्सिलोना से नया करार भी किया और अब वह फुटबॉल का भविष्य कहे जा रहे हैं.
यमाल का 304 सेलिब्रेशन क्यों है खास?
यमाल ने कभी अपने जीवन के शुरुआती संघर्षों पर खुलकर बातचीत नहीं की, क्योंकि वह उसे ज्यादा याद नहीं करना चाहते हैं. फिर भी उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता ने उनके फुटबॉल करियर के लिए कितने त्याग किए. वह स्पेन के कैटेलोनिया स्थित मातरो शहर के रोकोफोंडा इलाके से आते हैं, जहां गरीबी की दर काफी अधिक है. उनके लिए ही फुटबॉल के मैदान में गोल करने के बाद यमाल '304' गोल सेलिब्रेशन करते हैं, क्योंकि 304 उनके रोकोफोंडा इलाके के पोस्टल कोड के आखिरी तीन अंक हैं. यह चीज यमाल को इतना बड़ा स्टार बनने के बाद भी उनके मूल इलाके से जोड़कर रखती है.
अर्जेंटीना और स्पेन के बीच भारत में कितने बजे शुरू होगा वर्ल्ड कप फाइनल
ADVERTISEMENT











