FIFA WC 2026 : फीफा वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल मुकाबला अर्जेंटीना और स्पेन के बीच खेला जाएगा। साल 2026 का सबसे बड़ा मुकाबला न्यूयॉर्क के मेटलाइफ स्टेडियम में खेला जाएगा और करीब 82 हजार फैंस से मैदान खचाखच भरा होगा। इस मैदान को लेकर एक बेहद रोचक जानकारी सामने आई है कि जिस घास की पिच पर फुटबॉल के भगवान कहे जाने वाले मेसी अपने कदम रखेंगे और युवा खिलाड़ी लामिन यमाल दौड़ते नजर आएंगे, उसी घास से फीफा ने 90 करोड़ रुपये कमाने का प्लान बनाया है। लेकिन यह बात न्यू जर्सी सरकार को पसंद नहीं आई और उसने आरोप लगाया कि मैदान अमेरिका की संपत्ति है, तो इससे होने वाली कमाई में न्यू जर्सी के टैक्सपेयर्स का भी हिस्सा होना चाहिए.
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मेटलाइफ स्टेडियम में बिछाई गई नई घास
दरअसल, मेटलाइफ स्टेडियम में आर्टिफिशियल टर्फ पर अमेरिका की नेशनल फुटबॉल लीग के मैच खेले जाते थे। मगर फीफा के नियमों के चलते अमेरिका को मैदान पर बरमूडा घास लगानी पड़ी। इसके निर्माण में न्यू जर्सी स्पोर्ट्स एंड एक्सपोजिशन अथॉरिटी ने 13.04 मिलियन डॉलर (करीब 108 करोड़ रुपये) खर्च किए, जिसके चलते फीफा के मैच मेटलाइफ स्टेडियम में नैचुरल घास पर खेले जा सके। अब फाइनल होने के बाद इसी घास को फीफा बेच रहा है, तो न्यू जर्सी सरकार को यह बात हजम नहीं हो रही है.
फीफा ने घास से 90 करोड़ कमाने का प्लान बनाया
फीफा ने फाइनल से पहले ही इसी सप्ताह मेटलाइफ स्टेडियम की घास को ऑनलाइन बेचना शुरू किया। इसमें घास के छोटे-छोटे हिस्सों को रेजिन में सुरक्षित किया गया है, जिससे घास लंबे समय तक खराब न हो। इन पैकेट्स की कीमत 450 डॉलर (करीब 37 हजार रुपये) रखी गई है। इतना ही नहीं, ब्रिटेन की कंपनी कीप स्टब ने तीन और प्रीमियम वर्जन भी बनाए हैं, जिनकी कीमत 900 डॉलर (करीब 86 हजार रुपये), 1,200 डॉलर (करीब 1 लाख 15 हजार रुपये) और 3,000 डॉलर (करीब 3 लाख रुपये) रखी गई है। इस तरह के कुल 2,026 पैकेट तैयार किए गए हैं, जिससे फीफा करीब 11.5 मिलियन डॉलर यानी लगभग 90 करोड़ रुपये कमा सकता है.
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फीफा ने क्या जवाब दिया?
फीफा के इस कदम पर न्यू जर्सी सरकार ने आपत्ति जताई। गवर्नर मिक्की शेरिल के प्रवक्ता स्टीव सिगमंड ने कहा कि न्यू जर्सी ने मेटलाइफ स्टेडियम की पिच के लिए कई मिलियन डॉलर खर्च किए हैं। इसलिए इससे होने वाली किसी भी कमाई में न्यू जर्सी के टैक्सपेयर्स की हिस्सेदारी होनी चाहिए.
वहीं, फीफा ने जवाब दिया कि उसके और होस्ट कमेटी के बीच एक डील हुई है। इसके तहत सिर्फ पांच गज की घास बेची जा रही है और इसकी बिक्री से होने वाली कमाई का बड़ा हिस्सा होस्ट कमेटी को भी मिलेगा। लेकिन न्यू जर्सी सरकार इस बात से भी सहमत नहीं है। उसका कहना है कि जब निवेश हमने किया है, तो हमें किसी होस्ट कमेटी के जरिए नहीं, बल्कि सीधे लाभ मिलना चाहिए। यह न्यू जर्सी के टैक्सपेयर्स का पैसा है और उन्हें ही इसका फायदा मिलना चाहिए.
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