अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर मिलेई स्पेन के खिलाफ फीफा वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल देखने न्यू जर्सी नहीं जाएंगे. इसके पीछे वजह जैकेट को लेकर अंधविश्वास है. वह खिताबी मुकाबला घर में बैठकर ही देखेंगे. उन्होंने अर्जेंटीना के पिछले सातों मैच भी घर से ही देखे थे. मौजूदा चैंपियन इन सभी मैच में जीत हासिल करने में सफल रहा था. इन मैच के दौरान मिलेई ने एक खास जैकेट पहनी थी और उन्होंने कहा कि फाइनल के दिन भी वह इसी जैकेट को पहनकर मैच देखेंगे. अर्जेंटीना लगातार दूसरी बार खिताब जीतने के लिए इस मैच में खेलेगा.
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मिलेई से जब पूछा गया कि क्या वह रविवार के मैच को देखने के लिए अपने करीबी सहयोगी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो के साथ न्यू जर्सी की यात्रा करेंगे तो उन्होंने इससे मना कर दिया. उनका कहना है कि वह पिछले मैचों की तरह यह मैच भी ओलिवोस (अर्जेंटीना का राष्ट्रपति निवास) से ही देखेंगे. पत्रकार ने उनसे पूछा कि क्या वह अंधविश्वास के चलते घर पर रह रहे हैं. मिलेई ने ‘हां’ में जवाब दिया. यही नहीं उन्होंने एक और अंधविश्वास की भी चर्चा की.
जैकेट को लेकर अंधविश्वास
मिलेई ने बताया कि ठंड है और वह हीटर नहीं चलाते, इसलिए वह एक ब्रांडेड जैकेट पहनते हैं. स्विट्जरलैंड के खिलाफ मैच वाले दिन उहें बहुत गर्मी लगी. उन्होंने जैकेट उतार दी और स्विट्जरलैंड ने अर्जेंटीना के खिलाफ गोल कर दिया. उन्होंने बताया कि इसके बाद उन्होंने फिर से जैकेट पहन ली और उसके बाद मैच समाप्त होने तक उसे नहीं उतारा. अकेले मिलेई ही नहीं अर्जेंटीना के अधिकतर निवासी इसी तरह के अंधविश्वास में टीम के जीतने पर एक ही तरह की रूटीन का पालन करते हैं.
कुछ लोग हर मैच में एक ही कपड़े पहनते हैं और वर्ल्ड कप के दौरान अपनी जर्सी नहीं धोते हैं. कुछ लोग हर मैच एक ही जगह पर बैठकर देखते हैं. आलम यह है कि कुछ लोगों को मैच देखने ही नहीं दिया जाता. ऐसा उन लोगों के साथ हो सकता है जो अर्जेंटीना के गोल करने के समय बाथरूम में हों. अर्जेंटीना के राष्ट्रपति लंबे समय से विश्व कप के अहम मैचों में शामिल होने से बचते रहे हैं. यह अंधविश्वास 1990 के टूर्नामेंट से चला आ रहा है, जब तत्कालीन राष्ट्रपति कार्लोस मेनेम कैमरून के हाथों शुरुआती मैच में हार से ठीक पहले अर्जेंटीना की टीम से मिले थे. मेनेम को तब ‘मुफा’ यानी मनहूस करार दिया गया था. तब से अर्जेंटीना के किसी भी राष्ट्रपति ने स्टेडियम में जाकर नेशनल टीम का मैच नहीं देखा.
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