FIFA WC 2026: फीफा वर्ल्ड कप के एक एडिशन में सबसे अधिक गोल करने वाले खिलाड़ी को गोल्डन बूट दिया जाता है. इसकी रेस काफी रोमांचक हो चली है और अंतिम मैच से पहले तक भी अभी तक कुछ भी फाइनल नहीं हुआ है. हालांकि इतना जरूर है कि गोल्डन बूट की रेस में 39 साल के मेसी सबसे आगे चल रहे हैं और उन्हें सेमीफाइनल में बाहर होने वाले फ्रांस के कीलियन एमबाप्पे से कड़ी टक्कर मिली है. अब मेसी और एमबाप्पे का इस वर्ल्ड कप में सिर्फ एक-एक मैच बाकी है. ऐसे में चलिए जानते हैं कि गोल्डन बूट को कैसे मेसी अपने नाम कर सकते हैं.
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सबसे आगे लियोनेल मेसी
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल समाप्त हो चुके हैं. अभी तक मेसी ने आठ गोल दागे हैं तो चार गोल में असिस्ट किया है. जबकि मेसी के ही बराबर आठ गोल फ्रांस के कीलियन एमबाप्पे भी अभी तक कर चुके हैं, लेकिन उनके नाम तीन असिस्ट ही हैं. इसके चलते वह इस लिस्ट में दूसरे पायदान पर काबिज हैं.
इसके बाद सात गोल के साथ एर्लिंग हालैंड का नाम शामिल है, जो वर्ल्ड कप से बाहर हो चुके हैं, तो छह गोल और एक असिस्ट के साथ इंग्लैंड के हैरी केन शामिल हैं. इस लिहाज से देखा जाए तो असली फाइट अब मेसी और एमबाप्पे के बीच ही बाकी रह गई है.
लियोनेल मेसी को एमबाप्पे से टक्कर
लियोनेल मेसी को अगर वर्ल्ड कप ट्रॉफी के साथ गोल्डन बूट भी अपने नाम करना है तो हर हाल में फाइनल में एक गोल या कम से कम एक या दो असिस्ट करने होंगे. तभी जाकर उनकी टीम मजबूत डिफेंस वाली स्पेन से पार पा सकेगी. वहीं, मेसी को पछाड़ने के लिए एमबाप्पे के पास भी एक मैच बाकी है. तीसरे स्थान के मैच के लिए इंग्लैंड और फ्रांस के बीच मुकाबला होगा. एमबाप्पे वर्ल्ड कप ट्रॉफी तो नहीं जीत सकते हैं, लेकिन अगर उन्हें गोल्डन बूट जीतना है तो फिर इंग्लैंड के खिलाफ हर हाल में गोल दागना होगा, तभी बात बन सकेगी.
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गोल्डन बूट की कितनी होती है कीमत?
फीफा गोल्डन बूट के साथ कोई नकद इनामी राशि नहीं देती है. लेकिन पीतल और अन्य धातुओं को मिलाकर यह बूट बनाया जाता है, जिस पर सोने की परत चढ़ाई जाती है. इसकी कीमत भारत के हिसाब से करीब 3.25 करोड़ से लेकर 4.25 करोड़ रुपये तक की है.
मौजूदा टॉप स्कोरर लिस्ट (Golden Boot Standings)
| रैंक | खिलाड़ी (देश) | कुल गोल | कुल असिस्ट | बचे हुए मैच |
|---|---|---|---|---|
| 1 | लियोनेल मेसी (अर्जेंटीना) | 8 गोल | 4 असिस्ट | 1 मैच (फाइनल बनाम स्पेन) |
| 2 | किलियन एम्बाप्पे (फ्रांस) | 8 गोल | 3 असिस्ट | 1 मैच (तीसरा स्थान प्ले-ऑफ बनाम इंग्लैंड) |
| 3 | एर्लिंग हालैंड (नॉर्वे) | 7 गोल | 0 असिस्ट | टूर्नामेंट से बाहर |
| 4 | हैरी केन (इंग्लैंड) | 6 गोल | 1 असिस्ट | 1 मैच (तीसरा स्थान प्ले-ऑफ बनाम फ्रांस) |
| 5 | जूड बेलिंगहैम (इंग्लैंड) | 6 गोल | 1 असिस्ट | 1 मैच (तीसरा स्थान प्ले-ऑफ बनाम फ्रांस) |
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