Spain Beat France in Semifinal, FIFA WC 2026: फीफा वर्ल्ड कप 2026 के पहले सेमीफाइनल में मजबूत फ्रांस के विजयी रथ को स्पेन ने अपने मजबूत डिफेंस से रोक दिया. स्पेन ने फ्रांस की डिफेंस लाइन पर दबाव बनाया, जिससे उसे एक पेनल्टी मिली और मैच में पहला गोल मिकेल ओयारज़ाबाल ने करके 1-0 से बढ़त बनाई. बाद में पेड्रो पोरो ने भी बेहतरीन गोल करके स्कोर 2-0 कर दिया. इसका जवाब फ्रांस की टीम नहीं दे सकी और उनके स्टार खिलाड़ी किलियन एम्बाप्पे को स्पेन के एक-दो नहीं बल्कि चार डिफेंडर्स ने घेर रखा. इसके चलते एम्बाप्पे पूरे मैच में एक भी शॉट नहीं लगा सके और स्पेन ने 2-0 से जीत दर्ज करके 16 साल बाद फाइनल में कदम रखा. इस तरह उनकी टीम को 37वें मैच में भी कोई हरा नहीं सका.
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स्पेन को यमाल के कमाल से मिली पेनल्टी
स्पेन की टीम मैदान में 4-2-3-1 के तगड़े फॉर्मेशन के साथ उतरी. फ्रांस के सामने स्पेन ने शुरू से ही अटैक करने का मजबूत प्लान दिखाया. लेफ्ट विंग से लामिन यमाल फ्रांस के डिफेंडर लुकास डिन्ये को लगातार टारगेट कर रहे थे. इसका नतीजा यह रहा कि डिन्ये पेनाल्टी बॉक्स में यमाल को रोकने के चलते फाउल कर बैठे और स्पेन को बड़े मैच में पेनल्टी से गोल करने का बड़ा मौका मिला. यमाल के दबाव से फ्रांस पेनल्टी दे बैठा और स्पेन के लिए मैच के 22वें मिनट में ही मिकेल ओयारज़ाबाल ने शानदार गोल दागकर स्कोर 1-0 कर दिया. इस पेनल्टी के गोल के होते ही पूरे स्टेडियम में मौजूद स्पेन के फैंस अपना आपा खोकर खुशी से झूम उठे.
स्पेन के डिफेंडर ने भी गोल दाग दिया
पहला हाफ 1-0 से ही समाप्त हुआ और उसके बाद दूसरे हाफ में भी फ्रांस के खिलाड़ी गेंद पर पजेशन तो बना रहे थे, लेकिन उनके मिडफील्डर और विंगर्स मिलकर कोई चांस नहीं बना रहे थे. दूसरे हाफ में भी फ्रांस के मिडफील्डर्स अपने स्ट्राइकर्स को गेंद सप्लाई नहीं कर पा रहे थे. स्पेन के मिडफील्डर्स रोद्री और फैबियन रुइज़ ने गेंद पर कंट्रोल बनाए रखा. जिसके चलते पेड्रो पोरो ने 58वें मिनट में शानदार गोल दागा और स्कोर 2-0 हो गया. इस तरह स्पेन के लिए फीफा वर्ल्ड कप के एक एडिशन में दो या उससे अधिक गोल करने वाले पेड्रो पोरो दूसरे डिफेंडर बने. इससे पहले फर्नांडो हिएरो ने 1998 और 2002 दोनों में 2-2 गोल किए थे.
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4 साल बाद किसी मैच में गोल नहीं कर सके एम्बाप्पे
वहीं फ्रांस के स्टार खिलाड़ी किलियन एम्बाप्पे की बात करें तो स्पेन ने उन्हें पूरे मैच में गेंद के लिए तड़पा कर रख दिया. इंग्लैंड ने जिस तरह नॉर्वे के एरलिंग हालैंड की सप्लाई चेन काटकर उन्हें शांत रखा था, ठीक उसी तरह स्पेन ने भी एम्बाप्पे को पास करने वाले खिलाड़ियों को रोक कर रखा, जिससे उनके पास गेंद ही नहीं गई और एम्बाप्पे हमेशा तीन या चार डिफेंडर्स से घिरे रहे. यही कारण है कि वह पूरे मैच में कुछ कर नहीं सके, एक भी शॉट नहीं ले सके और उनकी टीम बिना गोल दागे ही सेमीफाइनल से बाहर हो गई. इस तरह एम्बाप्पे अपने 15वें फीफा वर्ल्ड कप मैच में दूसरी बार बिना गोल किए मैदान से बाहर रहे. इससे पहले साल 2022 में इंग्लैंड के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में भी वह गोल नहीं कर सके थे.
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